
Ratlam Deputy Ranger Bribe Case: मध्यप्रदेश के रिश्वतखोर अधिकारियों-कर्मचारियों के रंगेहाथ पकड़े जाने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को रतलाम जिले के जावरा में उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने डिप्टी रेंजर कमलसिंह देवड़ा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा है। डिप्टी रेंजर ने खेत में रखी जलाऊ लकड़ी बेचने का केस करने की धमकी देकर एक किसान से दो लाख रुपए की रिश्वत मांग की थी। बाद में सौदा 65 हजार रुपये पर तय हुआ था।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, ग्राम शक्करखेड़ी, तहसील पिपलौदा निवासी रहीश खां पिता अमीर शाह ने 29 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन को शिकायत की थी। फरियादी ने बताया कि उसने अपने खेत में रखी जलाऊ लकड़ी अशफाक खान को बेची थी। इसी बात को लेकर जावरा उप वन मंडल में पदस्थ डिप्टी रेंजर कमल सिंह देवड़ा उसे कार्रवाई और केस दर्ज करने का डर दिखा रहा था। मामले से बचने के एवज में डिप्टी रेंजर ने उनसे 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग की और बाद में बातचीत करने पर 65 हजार रुपए में सौदा तय हुआ।
शिकायत मिलने पर उप पुलिस अधीक्षक दिनेशचंद्र पटेल ने रिश्वत मांगने संबंधी बातचीत का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद शुक्रवार को 10 सदस्यीय ट्रैप दल गठित किया गया। टीम ने जावरा में कार्रवाई की तैयारी की और रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर फरियादी रहीश खां को 20 हजार रुपये देने के लिए डिप्टी रेंजर कमल सिंह देवड़ा के पास भेजा। जैसे ही डिप्टी रेंजर ने रिश्वत के रूपये लिए तो पहले से मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई में डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल, निरीक्षक हिना डाबर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत और आरक्षक शिवकुमार शर्मा, श्याम शर्मा, मोहम्मद इसरार व उमेश जाटव सहित टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।