
Ratlam- रतलाम के जावरा में मानवता को शर्मसार करनेवाला मामला सामने आया। जावरा- भीमाखेड़ी रोड स्थित बन्नाखेड़ा फंटे के पास एक नवजात को पीलियाखाल नदी में फेंक दिया गया। अज्ञात व्यक्ति ने नवजात को कंबल में लपेटकर प्लास्टिक के बोरे में बांधकर फेंका था। कचरा बीनने वाले एक व्यक्ति ने उसके रोने की आवाज सुन ली और इसी के साथ मासूम की जिंदगी बचाने की कवायद शुरु हो गई। उसने आसपास के लोगों को इस बात की सूचना दी। इसके बाद डायल 112 मौके पर पहुंची। पायलट अशोक सेन और आरक्षक हीरालाल डांगी ने नदी के पास पहुंचकर नवजात को संभाला। पायलट ने मौके पर ही नाल काटी और उसे तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बेटी को पूरी तरह स्वस्थ बताया। उसे ऑब्जर्वेशन में रखा है। औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस अब अमानवीय कृत्य करने वाले पता लगाने में जुटी है। जहां इलाके के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है वहीं नवजात के जन्म के संबंध में शहर और आसपास के अस्पतालों से भी सूचनाएं जुटाई जा रहीं हैं।
माना जा रहा है कि शायद बालिका होने के कारण नवजात को यूं फेंक दिया गया। हालांकि घटना के कारणों का खुलासा पुलिस की जांच से ही हो सकेगा। पुलिस कई लोगों से पूछताछ कर बच्ची के अभिभावकों तक जाने की कोशिश कर रही है। कचरा बीननेवाले व्यक्ति ने ही सबसे पहले नवजात की आवाज सुनी थी, उससे पुलिस को अहम जानकारी मिल सकती है।
सीएसपी युवराज सिंह चौहान ने बताया कि बच्ची के मिलने की सूचना पर वे खुद तुरंत अस्पताल पहुंचे। यहां के शिशु रोग चिकित्सक घनश्याम पाटीदार से बालिका के उपचार के बारे में जानकारी ली। डॉक्टरों के अनुसार, बालिका पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अभी ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।
औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस अब नवजात को ऐसे खुले में छोडऩे वाले महिला-पुरुष का पता लगाने में जुटी है, ताकि इस अमानवीय कृत्य के पीछे जो भी जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। बालिका स्वस्थ है और सिविल अस्पताल में डॉक्टर्स व स्टाफ नर्स की निगरानी में है। पुलिस जहां सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है वहीं अस्पतालों से भी जानकारी जुटा रही है। बच्ची का जन्म गुरुवार को ही होने की बात भी कही जा रही है।