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ट्विशा केस: “हार मानने वाली लडक़ी नहीं थी” पिता ने बताया- ट्विशा के बिना कैसे गुजरा एक माह

Twisha Case - पिता बोले-वह लीडर थी, कभी एडजस्ट करने नहीं कहा, हमारी लड़ाई उन लाखों बेटियों के लिए है जो ट्विशा जैसा दर्द झेलती हैं

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Father describes how the month passed without Twisha Sharma

Twisha Sharma ट्विशा शर्मा- Photo source Patrika.com

Twisha Sharma- भोपाल में नोएडा की मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की डेथ मिस्ट्री को एक माह हो चुके हैं। अब भी केस अनसुलझा है, जितनी जुबान उतनी कहानियां चल रहीं हैं। इस दौरान जिला कोर्ट से मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया। पुलिस की एसआइटी से लेकर सीबीआइ की जांच में अभी तक गुत्थी सुलझ नहीं सकी है। इस एक महीने में ट्विशा के मायके वालों ने सडक़ से सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष किया। बेटी के बिना उनके लिए यह एक महीने कितने भारी रहे हैं, यह बात उनके पिता नवनिधि शर्मा की बात से पता चलता है। वे कहते हैं कि ट्विशा लीडर थी, कभी हार मानने वाली लडक़ी नहीं थी।

12 मई की रात को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित निवास पर ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत हो गई थी। मायके वालों ने उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की। दोनों आरोपियों पर केस तो दर्ज हुआ पर जांच में लापरवाही सामने आई। परिजनों की मांग पर मध्यप्रदेश सरकार ने ट्विशा शर्मा की मौत का मामला केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को जांच के लिए सौंप दिया। केस की जांच अब पूर्णता की कगार पर है।

परिवार में ट्विशा का गहरा प्रभाव था, अनेक निर्णय बहुत समझदारी से करती थी

ट्विशा शर्मा की मौत से उनका परिवार गमगीन है। पिता नवनिधि शर्मा बताते हैं कि उसमें इतने कम उम्र में दुनियाभर की समझ थी। मेरे परिवार में ट्विशा का बहुत गहरा प्रभाव था, अनेक निर्णय वह बहुत ही समझदारी से करती थी। नवनिधि शर्मा के मुताबिक इसलिए परिवार को भी उसे या उसके भविष्य को लेकर कभी भी कोई चिंता नहीं होती थी।

सीबीआइ के पास जांच जाने के बाद भी आरोपी पक्ष का प्रभाव

नवविवाहिता की संदिग्ध मौत होने और परिजनों द्वारा हर स्तर पर मामला उठाने से ट्विशा केस देशभर में सुर्खियों में छा गया था। इस पर नवनिधि शर्मा ने कहा कि पूरे देश ने देखा, ट्विशा केस में क्या हो रहा था। उन्होंने कहा कि सीबीआइ के पास जांच जाने के बाद भी आरोपी पक्ष के प्रभाव का मामला थम नहीं रहा है।

नवनिधि शर्मा के अनुसार जिन्हें गरीबों की मदद के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में रखा गया है वे प्रभावशाली लोगों के पीछे खड़े थे। हम तो राह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि ट्विशा जैसा दर्द किसी और परिवार के ऊपर आए तो वह उसे न्याय दिलाने के लिए बिना हिचक उठ खड़ा हो।