रतलाम

रतलाम में घर से 100 फीट दूर खेल रही थी यंशिका, अचानक गिरी दीवार, एक घंटे मां को बचाते रह गए पिता, बेटी छोड़ गई दुनिया

House wall collapse: रतलाम में एक कच्चे मकान की दीवार ढह जाने से 9 वर्षीय यंशिका चौहान का निधन हो गया। हादसे में दो अन्य लोग भी घायल हुए। पुलिस मामले की जांच में जुट चुकी है।
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Sep 16, 2026
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Ratlam House wall collapse: कच्चे मकान की दीवार गिरने से 9 वर्षीय यंशिका का निधन (फोटो सोर्स- Patrika)

Ratlam House wall collapse: मध्य प्रदेश के रतलाम में रहने वाले एक घर में अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हर शाम की तरह अपनी फ्रेंड के साथ बाहर खेलने गई 9 साल की बच्ची दोबारा घर वापस नहीं आई। एक घंटे तक माता-पिता को पता ही नहीं चला उनकी लाडली मलबे में दबी हुई है और वह अन्य महिला को बचाने में लगे हुए थे। मामला नामली थाना क्षेत्र के रघुनाथगढ़ गांव का है।

दरअसल, सोमवार शाम को कच्चे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के पास 9 साल की यंशिका चौहान और 12 वर्षीया प्रीति खेल रही थी। इस हादसे में यंशिका का निधन हो गया। वहीं, प्रीति और एक 65 साल की महिला हादसे में घायल हुए है। दोनों को मेडिकल कालेज रतलाम में भर्ती कराया गया है।

गांव में चल रहा था कार्यक्रम, दीवार गिरने के नहीं दी आवाज

नामली पुलिस थाने के एएसआई जुगल सिंह रावत के अनुसार हादसा सोमवार की शाम करीब साढ़े पांच से छह बजे के बीच रुघनाथगढ़ में हुआ। गांव के सीताराम पिता नारायण चौहान ने थाने में सूचना दी कि वह घर पर था। गांव में तेज आवाज में कार्यक्रम चल रहा था जिस कारण दीवार गिरने की आवाज किसी को नहीं आई। इसी दौरान पड़ोस में आवाज सुनकर मौके पर पहुंचा। वहां प्रकाश पिता वरदीराम चौहान के कच्चे मकान की दीवार गिरी हुई थी। हादसे में सीताराम की बड़ी मां मांगूबाई (65) दबकर घायल हो गई थीं। आसपास के लोगों ने उन्हें दीवार की मलबे से बाहर निकाला।

1 घंटे बाद सुनाई दी बच्ची की रोने की आवाज, मलबा हटाकर देखा तो….

बुजुर्ग महिला को दीवार की मिट्टी से बाहर निकालने के बाद सभी लोग उन्हें संभालने में लग गए। करीब एक घंटे बाद मलबे के अंदर से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। लोगों ने तलाश कर प्रीति पिता जगदीश को भी मलबे से बाहर निकाला। इसके बाद सीताराम की बेटी यंशिका भी मलबे में दबी मिली। दोनों बच्चियों और घायल मांगूबाई को उपचार के लिए मेडिकल कालेज रतलाम ले जाया गया लेकिन यंशिका को डॉक्टर बचा नहीं सके। मंगलवार की सुबह पीएम के बाद यंशिका को परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार दीवार कैसे ढही इसका फिलहाल पता नहीं चल पाया है।

घर से 100 फीट दूर हुआ हादसा, सबको रुला गई यंशिका

यंशिका के पिता सीताराम ने बताया कि हर दिन की तरह उनकी बेटी अपनी दोस्त प्रीति के साथ खेलने शाम के समय निकली थी। दोनों बच्चियां एक पतली गली से गुजर रही थी कि तभी, घर से सिर्फ 100 फीट दूर यह हादसा हो गया और यंशिका उनसे हमेशा के लिए दूर हो गई। पिता ने बताया कि उनका ध्यान बड़ी मां को बचाने पर था और एक घंटे बाद उन्होने प्रीति की रोने की आवाज सुनी। बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में जो भी लापरवाह पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
16 Sept 2026 12:10 pm
Published on:
16 Sept 2026 12:10 pm