
रतलाम। मानसून की लम्बी खेंच ने अब किसानों की चिंता बढ़ा दी हैं, जिले की औसत बारिश का आंकड़ा अब भी 228 मिमी पर अटका हुआ हैं। परम्परानुसार इंद्रदेव को मनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बाग रसोई, उज्जैनी खेत-खेत जाकर मनाई जाकर अच्छी बारिश के लिए प्रार्थना की जा रही हैं।
बारिश की लम्बी खेंच के कारण किसान चिंतित हैं, आसमान पर बादल मंडरा रहे हैं, लेकिन बरसते नहीं इस कारण फसलें मुरझाने लगी हैं। इसी के मद्देनजर सोमवार को सुबह से शाम तक रूक-रूककर शहर में पानी की बौछारों से सडक़ें तरबतर होती रही। आसमान पर बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान में 2.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की जाकर पारा 31.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जबकि रात का तापमान 25 डिग्री दर्ज किया गया।
अपने-अपने खेत पर जाकर मना रहे इंद्रदेव
ग्राम नौगांवाजागीर में समस्त ग्राम निवासियों की ओर से उज्जैन मनाई गई। ग्रामीणों ने अपने-अपने खेत पर जाकर भोजन बनाया और भगवान इंद्र देवता से अच्छी बारिश प्रार्थना कर शाम को भगवान राम की आरती की। इस दौरान नारायण पाटीदार, विजय पाटीदार, बलवंतसिंह पडिहार, अनोखीलाल चौधरी, सुनील चौहान संजय राठौर आदि बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
अच्छी बारिश की मांग रानीसिंह में पूजे इंद्रदेव, मनाई उज्जैनी
क्षेत्र में अच्छी बारिश की प्रार्थना करते हुए ग्राम पंचायत रानीसिंह के निवासियों ने गांव सहित सभी मजरों के लोग एकजुट होकर इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए सामूहिक पूजा-अर्चना की। ग्रामीणों ने सोमवार को अपने प्रतिष्ठान और दुकानें बंद रखीं। पूरे गांव में चूल्हे नहीं जले। हर घर के लोग अपने-अपने खेतों पर पहुंचे, वहीं भोजन बनाया और भगवान इंद्रदेव को भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण किया।
पूरा गांव एक होकर इंद्रदेव की करता आराधना
पूजा के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में समय पर अच्छी बारिश हो, फसलें लहलहाएं और जलसंकट दूर हो, इसकी सामूहिक प्रार्थना भगवान इंद्रदेव से की। इस दौरान आयोजन में बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और बच्चे सभी शामिल हुए। गांव वालों का कहना है कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। जब-जब बारिश में देरी होती है, पूरा गांव एक होकर इंद्रदेव की आराधना करता है।
खरीफ फसल बीमा की 31 जुलाई अंतिम तिथि
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ-2026 के अन्तर्गत फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। कृषि विभाग ने किसानों से शीघ्र पंजीकरण कराने का आग्रह किया हैं। कृषि विस्तार अधिकारी दिलिप वास्केल ने बताया कि किसानों को अपनी खरीफ फसलों का बीमा इस तिथि तक अवश्य करा लेना चाहिए, क्योंकि अब मात्र कुछ दिन शेष हैं। जिन किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड बना है, वे अपनी संबंधित बैंक शाखा में जाकर फसल बुवाई प्रमाण-पत्र एवं पटवारी हल्के की जानकारी अद्यतन करावें। अऋणी और डिफाल्टर कृषक भी अपने नजदीकी बैंक शाखाओं जैसे सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और राष्ट्रीयकृत बैंक, साथ ही अपने ग्राम के नजदीक कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर फसल बीमा करा सकते हैं। यह योजना प्राकृतिक आपदा या प्रतिकूल मौसम की स्थिति में फसल नुकसानी होने पर आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।