
Indore-Dahod new rail line: मध्य प्रदेश के रतलाम रेल मंडल के अंतर्गत निर्माणाधीन इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना पर कार्य में सिगनलिंग कार्य का 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो गया है। रेलवे का दावा है अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एवं आधुनिक सिगनलिंग प्रणाली से होगा रेल संचालन सुरक्षित और निर्बाध गति से होगा। उप मुख्य संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर (निर्माण) के निर्देशन में टीही-धार के मध्य सिगनलिंग सिस्टम स्थापित करने का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है।
इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन के पिथमपुर टनल, पिथमपुर-सागौर, सागौर-गुणावद तथा गुणावद-धार रेल सेक्शन में सिगनलिंग सिस्टम स्थापित करने का कार्य अंतिम चरण में है। इसी क्रम में पिथमपुर, सागौर, गुणावद एवं धार स्टेशनों पर सिगनलिंग व्यवस्था से जुड़े रिले रूम, आईपीएस रूम, केबल हट, बैटरी रूम सहित अन्य आवश्यक संरचनाओं का निर्माण एवं स्थापना कार्य भी पूरा होने की और अग्रसर है।
इस रेल लाइन को भविष्य की जरुरत अनुसार तैयार किया जा रहा है। नई रेल लाइन पर स्थापित किए जा रहे सिगनलिंग सिस्टम में अत्याधुनिक एवं उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे तकनीक फेलियर की संभावना न्यूनतम रहे तथा ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय एवं निर्बाध रूप से किया जा सके। आधुनिक तकनीक आधारित यह व्यवस्था भविष्य की परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित की जा रही है। परियोजना के अंतर्गत सभी स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित की जा रही है। यह तकनीक आधुनिक तकनीक विभिन्न सिगनलों एवं पॉइंट्स का सुरक्षित संचालन बेहतर करेगी। इसका लाभ यह होगा मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होने से दुर्घटना का खतरा न के बराबर रहेगा।
इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के पूर्ण होने के बाद मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच रेल संपर्क और अधिक मजबूत होगा। आधुनिक सिगनलिंग व्यवस्था से न केवल रेल परिचालन की संरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बल्कि ट्रेनों की समयपालन क्षमता, परिचालन दक्षता तथा यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में भी महत्वपूर्ण सुधार होगा। यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक एवं सामाजिक विकास को नई गति प्रदान करने के साथ-साथ पश्चिम रेलवे की आधुनिक एवं सुरक्षित रेल अवसंरचना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगी।- अश्वनी कुमार, डीआरएम, रतलाम