
रतलाम। अब बिजली उपभोक्ताओं को एक सुविधा मिलने वाली हैं। उन्हें क्यूआर कोड से बिल चुकाने पर कैशलैस छूट भी उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे लाखों उपभोक्ताओं को फायदा भी होगा।
बिजली कम्पनी की ओर से अब डोर टू डोर बिजली बिल संग्रहण एजेंट क्यूआर कोड के माध्यम से बिल राशि प्राप्त करेंगे। बिजली कंपनी की इस पहल से हजारों एजेंटों के जरिए लाखों उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। उन्हें क्यूआर कोड से बिल चुकाने पर कैशलैस छूट भी उपलब्ध कराई जाएगी।
परिचय पत्र अनिवार्य रूप से होगा
एजेंट पहले की तरह नकद राशि भी स्वीकार कर उपभोक्ताओं को ई-पद्धति से रसीद देंगे। सभी एजेंटों के पास बिजली कंपनी जोन और वितरण केंद्र अंतर्गत कार्यरत होने का परिचय पत्र अनिवार्य रूप से होगा। यदि कोई उपभोक्ता ऑनलाइन भुगतान करना चाहता है या खुल्ले पैसे की अनुपलब्धता है, तो डोर टू डोर एजेंट सीधे उसके आईवीआरएस नंबर पर क्यूआर कोड जनरेट कर मोबाइल पर दिखाएगा।
प्रक्रिया तेज और त्रुटिरहित बनेगी
इस क्यूआर कोड को स्कैन करते ही उपभोक्ता को अपना नाम, कनेक्शन नंबर, पता, बिल राशि और बिजली कंपनी का नाम जैसे सभी विवरण दिखाई देंगे। भुगतान होते ही बिजली खाता केंद्रीयकृत सर्वर के माध्यम से तुरंत अपडेट हो जाएगा, जिससे प्रक्रिया तेज और त्रुटिरहित बनेगी।
इनका कहना है..
मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर ने उपभोक्ताओं को बिजली बिल भुगतान में एक सुविधा दी है। अब डोर टू डोर बिजली बिल संग्रहण एजेंट क्यूआर कोड के माध्यम से भी उपभोक्ताओं से बिल राशि प्राप्त करेंगे। यह भुगतान राशि सीधे बिजली कंपनी के खाते में जमा होगी, जिससे पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी।
अनूप कुमार सिंह, कंपनी के प्रबंध निदेशक
अब बिजली चोरी करने वालों के खेर नहीं…
अब बिजली चोरी करने वालों की खेर नहीं क्योंकि मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 'वी कनेक्ट' एप के माध्यम से चोरी पकड़ी जाएगी। इन सूचनाओं की जांच उपरांत सही पाए जाने पर नागरिकों को पारितोषिक भी प्रदान किया जाएगा। इससे जुडकऱ रतलाम, मंदसौर, नीमच, उज्जैन और मालवा क्षेत्र के जागरूक नागरिक बिजली चोरी व अनियमितताओं की सूचना दे रहे हैं।
'वी कनेक्ट' एप, सूचना देने पर मिलेगा इनाम
कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह के निर्देश पर तैयार इस एप को डाउनलोड कर कोई भी उपभोक्ता या नागरिक बिजली चोरी, उपयोग में अनियमितता आदि की जानकारी दे सकता है। सूचनादाता को अपनी बैंकिंग डिटेल भी एप पर देनी होती है, ताकि सूचना सही पाए जाने पर पारितोषिक सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी प्रक्रिया से जमा किया जा सके। यह प्रोत्साहन राशि दस हजार या अधिक की आंकलित राशि वाले प्रकरणों पर ही देय होगी। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को कुछ ही दिनों में करीब तीस लोगों से बिजली चोरी व अनियमितता संबंधी सूचनाएं मिली हैं। कंपनी को उम्मीद है कि अब ऐसी सूचनाओं की संख्या में वृद्धि होगी। योजना के अन्तर्गत गैर घरेलू भार वृद्धि, कृषि भार वृद्धि, स्वीकृत श्रेणी से अन्य उपयोग, अतिरिक्त परिसर में उपयोग, मीटर से छेड़छाड़, विच्छेदित कनेक्शन से अनाधिकृत उपयोग और गलत मीटर रीडिंग की सूचना पर तय पारितोषिक दिया जाएगा।