पत्रिका स्वर्णिम भारत महाअभियान अंतर्गत जैन संत आचार्य पुलक सागर ने हजारों भक्तों को प्लास्टिक मुक्त रतलाम की शपथ दिलाई। ज्ञानगंगा महात्सव के अंतर्गत आचार्य के तोपखाना पर प्रचवन चल रहे थे। अब वे बांसवाड़ा के लिए विहार कर गए है। शपथ के दौरान पत्रिका के महाअभियान के बारे में जैसे ही मुनि ने कहा वैसे ही हजारों हाथ के भक्त उठ खडे़ हुए।
रतलाम। पत्रिका स्वर्णिम भारत महाअभियान अंतर्गत जैन संत आचार्य पुलक सागर ने हजारों भक्तों को प्लास्टिक मुक्त रतलाम की शपथ दिलाई। ज्ञानगंगा महात्सव के अंतर्गत आचार्य के तोपखाना पर प्रचवन चल रहे थे। अब वे बांसवाड़ा के लिए विहार कर गए है। शपथ के दौरान पत्रिका के महाअभियान के बारे में जैसे ही मुनि ने कहा वैसे ही हजारों हाथ के भक्त उठ खडे़ हुए।
हजारों हाथ उपर संकल्प लेने को उठ गए
शहर का तोपखाना क्षेत्र। जैन आचार्य पुलक सागर के ज्ञानगंगा महोत्सव के अंतर्गत प्रवचन चल रहे, इसी कड़ी में अचानक मुनि कहते है, गुरुवार को प्रवचन का अंतिम दिन। रतलाम में काफी प्रेम दिया है। एक संकल्प सभी को हाथ उठाकर लेना होगा, रतलाम के किसी भी देवस्थान, गली, मोहल्ले, घर में प्लास्टिक का उपयोग नहीं होगा। इस संकल्प को जो ले रहे है, उनको ओरो को भी दिलाना होगा। मुनि के इतना कहते ही, प्रवचन में आए श्रद्धालु उठ खडे़ हुए, व देखते ही देखते हजारों हाथ उपर संकल्प लेने को उठ गए। इस दौरान शहर विधायक चेतन्य काश्यप भी उपस्थित थे।
आयोजन तोपखाना में हुआ
पत्रिका के स्वर्णिम भारत महाअभियान को शहर के अलग-अलग क्षेत्र में चलाया जा रहा है। गुरुवार को आचार्य पुलक सागर की उपस्थ्िित में इसका आयोजन तोपखाना में हुआ। मंदिर सहित प्रत्येक क्षेत्र में प्लास्टिक का उपयोग बंद हो, इसके लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। महाशिवरात्रि के दौरान भी इस प्रकार प्लास्टिक का उपयोग नहीं हो, इस बात का विशेष ध्यान रखने की बात मुनि ने कही।
इन्होंने किया संचालन
इस दौरान अभय जैन ने संकल्प आयोजन की भूमिका बनाई। जब जैन इस अभियान के बारे में बता रहे थे, तब ही मुनि ने कह दिया, प्रत्येक गली, घर, चौराहा, मोहल्ला, मंदिर, तीर्थक्षेत्र प्लास्टिक से मुक्त हो। शहर इस अभियान को आंदोलन कर रुप दे दे। इतना सुनते ही हजारों हाथ उठ खडे़ हु़ए व सभी ने हाथ उठाकर संकल्प में सहभागिता की।