
Ratlam News : पटवारी संवर्ग की पदोन्नति में 50 साल की उम्र सीमा को लेकर मध्य प्रदेश पटवारी संघ द्वारा आपत्ति जताई गई है। संघ की ओर से रतलाम जिला इकाई ने इस विसंगति को दूर करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए संघ की मांग है कि पात्र पटवारियों को उनकी वरिष्ठता, सेवा अवधि और निर्धारित पात्रता के आधार पर पदोन्नति का मौका दिया जाए।
ज्ञापन के जरिए संघ ने बताया कि, राजस्व विभाग द्वारा पटवारी संवर्ग की पदोन्नति प्रक्रिया के लिए प्रदेशभर के पटवारियों की जन्मतिथि, सेवा अवधि समेत अन्य जरूरी जानकारी संकलित की जा रही है। संघ ने कहा कि, बड़ी संख्या में पटवारी लंबे समय से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में 50 साल की उम्र सीमा के चलते पात्र और अनुभवी पटवारियों के पदोन्नति के मौके से वंचित होने की स्थिति बन सकती है।
पटवारी संघ द्वारा शासन से मांग की गई कि, पदोन्नति के लिए निर्धारित 50 साल की आयु सीमा को खत्म किया जाए, साथ ही पात्र पटवारियों को वरिष्ठता-सह-पात्रता के आधार पर पदोन्नति दी जाए। इसके अलावा सेवानिवृत्ति तक पात्र पटवारियों को पदोन्नति का मौके मुहैय्या कराने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि, लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि और वरिष्ठता के अनुरूप आगे बढ़ने का मौका दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, पटवारी संघ ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना को लेकर भी अपनी मांग शासन के सामने रखी है।
संघ ने पटवारियों को योजना में निष्पादक के दायित्व से अलग रखने की मांग भी की है। पटवारी संघ का कहना है कि, योजना को लेकर विभागीय स्तर पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने से पटवारियों के सामने कानूनी और प्रशासनिक जवाबदेही के हालात बन रहे हैं। ज्ञापन में शासन से योजना के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है, ताकि पटवारियों की जिम्मेदारियां और दायित्व साफ हो सकें।