मध्यप्रदेश के रतलाम की जब 450 वर्ष पहले स्थापना हुई तो सबसे पहले गढ़ कैलाश महादेव को बसाया गया। यहां बनी बाबा महादेव की प्रतिमा की यह विशेषता है कि एक ही पत्थर पर शिवपरिवार विराजीत है। बाबा ने अपने कान में सर्प को कुंडल के रुप में धारण किया है। पीएम नरेंद्र मोदी जब लोकसभा चुनाव 2019 में प्रचार के लिए रतलाम संसदीय सीट पर आए थे तो सबसे पहला प्रणाम उन्होंने गढ़ कैलाश महादेव को किया था। महाशिवरात्रि के पावन पर्व को जब दुनिया 21 फरवरी को मनाएगी तब आप भी इस मंदिर के दर्शन करें।
रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम की जब 450 वर्ष पहले स्थापना हुई तो सबसे पहले गढ़ कैलाश महादेव को बसाया गया। यहां बनी बाबा महादेव की प्रतिमा की यह विशेषता है कि एक ही पत्थर पर शिवपरिवार विराजीत है। बाबा ने अपने कान में सर्प को कुंडल के रुप में धारण किया है। पीएम नरेंद्र मोदी /strong> जब लोकसभा चुनाव 2019 में प्रचार के लिए रतलाम संसदीय सीट पर आए थे तो सबसे पहला प्रणाम उन्होंने गढ़ कैलाश महादेव को किया था। महाशिवरात्रि के पावन पर्व को जब दुनिया 21 फरवरी को मनाएगी तब आप भी इस मंदिर के दर्शन को करें।
इसलिए है यह मंदिर खास
रतलाम के अमृत सागर क्षेत्र में बना गढ़ कैलाश महादेव मंदिर की अनेक विशेषताएं है। यहां के पुजारी सुशील उपाध्याय के अनुसार देश में महादेव मंदिर में शिवलिंग मिलते है, लेकिन इस मंदिर में बाबा महादेव का पूरा परिवार है। इससे बड़ी विशेषता यह है कि एक ही प्रतिमा पर पूरा परिवार को प्राणप्रतिष्ठा की गई। यह विशेषता देश में बाबा महादेव के मंदिर में कम मिलती है। यहां पर नंदी, गणपति, कार्तिकेय, पार्वती माता सहित बाबा अपने विराट रुप में है। इतना ही नहीं मंदिर के बाहर अमृत सागर है तो मंदिर के चारों दिशाओं मंे अन्य देवी देवताओं के छोटे - छोटे मंदिर बने हुए है।
पीएम मोदी से है मंदिर का कनेक्शन
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रतलाम संसदीय सीट पर चुनाव प्रचार करने आए थे। तब शहर में प्रचार के दौरान सबसे पहले उन्होंने गढ़ कैलाश महादेव को ही नाम लेकर प्रणाम किया था। इसके बाद उन्होंने रतलाम के प्रसिद्ध धार्मिक व आस्था के केंद्र मां कालिका को प्रणाम किया था। बता दे कि शहर में गढ़ कैलाश महादेव व कालिका माता मंदिर आस्था के प्रमुख केंद्र है।