रतलाम

ये कैसा सलीका, ठूंस-ठूंस कर ऑटो में ले गए बच्चों को

बच्चों को दिखाई फिल्म सॉरी डैडी, पहले दिन एक हजार बच्चे पहुंचे फिल्म देखने

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Nov 24, 2017
patrika

रतलाम। बाल फिल्म सॉरी डैडी काशहर के दो सिनेमाघरों में गुरुवार से फिल्म का प्रदर्शन शुरू हो गया है। इन दोनों ही सिनेमाघरों में पहले दिन करीब एक हजार से ज्यादा विद्यार्थी फिल्म देखने पहुंचे हैं। आगामी दिनों में शहर के अलग-अलग संकुलों और उनसे जुड़े स्कूलों के बच्चे फिल्म देखने पहुंचेंगे। इसके लिए शिक्षकों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। विद्यार्थियों को फिल्म देखने के लिए सुबह आठ बजे स्कूल पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। यहां से सभी एकत्रित होकर फिल्म के शो समय सुबह नौ बजे सिनेमाघर पहुंचना होता है। दो घंटे के शो के लिए शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई है। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार स्कूलों पर दबाव बनाकर टिकटों की बिक्री कराई गई है जिससे ज्यादा से ज्यादा स्कूलों और उनके बच्चे फिल्म देखने पहुंचे।

ठूंस-ठूंसकर ले जाए गए विद्यार्थी
फिल्म देखने के लिए सुबह लाइन से विद्यार्थियों को सिनेमाघरों तक लाया गया था। फिल्म सुबह नौ से ११ बजे तक चली और इसके बाद जब छूटी तो सभी बच्चों को सिनेमाघर परिसर में ही एकत्रित किया गया और फिर ऑटो रिक्शा में ठूंस-ठूंसकर भरे और ले जाए गए।

फिल्म की टिकट में बच्चों से कमीशन लेगा लोक शिक्षण
स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों को बाल दिवस के उपलक्ष्य में शिक्षाप्रद कहानी दिखाने के नाम पर शिक्षा विभाग बच्चों की टिकट पर ही कमीशन का खेल कर रहा है। कमीशन का यह खेल खुलेआम और लिखित में हुआ है। आयुक्त लोक शिक्षण की तरफ से इसी माह की १० तारीख को जारी पत्र में प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर को संबोधित करते हुए निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने पत्र में कहा कि फिल्म के २० रुपए प्रति छात्र की दर से टिकट बिक्री होगी। इससे अर्जित आय का का तय प्रतिशत आयुक्त लोक शिक्षण को भेजा जाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी और फिल्म का प्रदर्शन करने वाले सिनेमा हॉल के किराए के रूप में प्रदान किए जाएं।

२० रुपए प्रति छात्र की दर निर्धारित
आयुक्त लोक शिक्षण की तरफ से जारी पत्र के अनुसार बाल दिवस पर प्रदेश के सिनेमाघरों में दिखाई जाने वाली फिल्म सॉरी डैडी विद्यार्थियों के लिए स्वैच्छिक होगी। विद्यार्थियों के लिए २० रुपए प्रति छात्र की दर निर्धारित की गई है। फिल्म के प्रदर्शन से अर्जित आय का ३० फीसदी आयुक्त लोक शिक्षण को देना होगा। इसके अलावा आय की १० फीसदी राशि जिला शिक्षा अधिकारी को दी जाएगी। २० फीसदी राशि सिनेमा हॉल के किराए के रूप में देना होगी।

आदेश के अनुसार हो रहा कार्य
आदेश के अनुसार ही फिल्म का प्रदर्शन किया जा रहा है। जहां तक राशि की बात है तो दरें वहीं से तय है और इसमें कितनी राशि किसे भेजी जाना है यह भी तय करके भेजा गया है। हम अपनी तरफ से इसमें कुछ नहीं कर सकते हैं। भोपाल से आदेश मिले हैं उसके अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।
- रामेश्वर चौहान, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी

Published on:
24 Nov 2017 12:34 pm