VIDEO आज तक नहीं देखी होगी इस प्रकार की शवयात्रा, जिसमे हुआ कुछ ये
रतलाम/नामली। अब तक आपने कई प्रकार की शवयात्रा देखी होगी, ये शवयात्रा थोड़ी अलग प्रकार की थी। मध्यप्रदेश के रतलाम के करीब नामली में सोमवार को जो शवयात्रा निकली, उसमे शव के खिलाफ जमकर नारेबाजी हो रही थी। इतना ही नहीं, जब ये यात्रा चल रही थी, तब बीच में पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने शव को छीनने का प्रयास किया तो शवयात्रा में शामिल लोगों ने सड़क पर ही शव को जला दिया।
जबलपुर से स्थानांतरित होकर नगर परिषद के सीएमओ बने अरुण ओझा को लेकर नामली में राजनीति गरमा गई है। सीएमओ ओझा को कार्यभार नहीं सौंपने देने के लिए नामली विकास मंच ने तीन दिन से मोर्चा खोल रखा है। सोमवार को ग्रामीणों ने सीएमओ की शवयात्रा निकाली तो पुलिस बीच में आ गई। इसके बाद झूमाझटकी हुई। अंत में ग्रामीणों ने सीएमओ का पुतला जला दिया।
लगातार दो दिन जलाया
तीसरे दिन तक प्रशासन से कई आश्वासन नहीं मिलने व किसी अधिकारी के धरना स्थल पर नहीं पहुंचने को लेकर मंच के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने रविवार को सीएमओ का पुतला दहन करते हुए नारेबाजी की थी। उन्होंने प्रभारी सीएमओ अरुण कुमार ओझा के कार्यकाल में हुई १० प्रकार की अनियमिताओं का आरोप लगाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच व उन्हें यहां से अन्यत्र भेजने की मांग कर रहे है।
अब ज्ञापन का आयोजन
धरना प्रदर्शन व पुतला दहन कार्यक्रम में तूफान सिंह सोनगरा, दिलीप जाट, विजय चौधरी, नन्दकिशोर चौहान, भीमसिंह राठौर, श्यामसुंदर टेलर, राजेश चौहान, दशरथ जाट, राहुल आड़ा के अलावा कांग्रेस नेता व भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन के लोग भी शामिल हुए। इधर सीएमओ अरुण ओझा के समर्थन में सोमवार को नगर परिषद अध्यक्ष नरेन्द्र सोनावा व परिषद के पार्षदगण जनसंवाद का आयोजन करेंगे। इसके बाद सीएमओ को चार्ज दिलाने के लिए कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी देंगे।
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पुलिस भी हुई सक्रिय
सीएमओ ओझा के मामले में पक्ष व विपक्ष के लोगों के आंदोलन की राह अपनाने से पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। नगर में प्रत्येक घटनाक्रम के पल-पल की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जा रही है। आंदोलन के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगड़े इसलिए थाना प्रभारी किशोर पाटनवाला बल के साथ सक्रिय हैं। वे वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन भी ले रहे है।