रतलाम

नवरात्र के हर दिन खास योग, अष्टमी-नवमी का महासंयोग

गजकेसरी योग से लेकर सर्वार्थ-अमृत सिद्धि तक बनेंगे संयोग, शारदीय नवरात्र 11 से शुरू होकर 19 अक्टूबर तक चलेगी। 20 अक्टूबर को दशहरा
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Sharadiya Navratri News Ratlam
गजकेसरी योग से लेकर सर्वार्थ-अमृत सिद्धि तक बनेंगे संयोग, शारदीय नवरात्र 11 से शुरू होकर 19 अक्टूबर तक चलेगी। 20 अक्टूबर को दशहरा

रतलाम। मां की आराधना के नौ दिन इस बार पंचांग के विशेष संयोगों के साथ आएंगे। नवरात्र का हर दिन इस साल खास योगों से युक्त रहकर अष्टमी-नवमी का महासंयोग बनाने वाला हैं।

शारदीय नवरात्र 11 से शुरू होकर 19 अक्टूबर तक चलेगी। 19 को दुर्गा अष्टमी और महानवमी दोनों तिथियां रहेंगी, जबकि 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार नवरात्र में गुरु-चंद्रमा की विशेष स्थिति से गजकेसरी योग बनने का संयोग है। धार्मिक मान्यताओं में इसे शुभ माना गया है। 11 अक्टूबर को प्रतिपदा के साथ वैधृति योग और चित्रा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इसी दिन घटस्थापना के साथ मां शैलपुत्री की आराधना शुरू होगी।

नवरात्र के हर दिन विशेष योग
12 अक्टूबर को विष्कंभ, 13 को प्रीति और 14 अक्टूबर को आयुष्मान योग रहेगा। 14 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि और रवि योग का भी संयोग रहेगा। 15 अक्टूबर को पंचमी पर सौभाग्य, 16 को षष्ठी पर शोभन योग रहेगा। 17 अक्टूबर को सप्तमी पर अतिगंड के बाद सुकर्मा योग शुरू होगा, जो 18 अक्टूबर को भी रहेगा।

19 अक्टूबर को अष्टमी-नवमी साथ
पं. नरेश शर्मा ने बताया कि नवरात्र का अंतिम दिन विशेष रहेगा। 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी दोनों तिथियां रहेंगी। धृति योग के साथ संधि पूजा और कन्या पूजन का विशेष महत्व रहेगा। इस दिन मां कालरात्रि और मां सिद्धिदात्री की आराधना होगी।

नौ दिन, नौ स्वरूप, भक्ति के अलग रंग
नवरात्र में मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के स्वरूपों की पूजा होगी। शहर में मातारानी की आकर्षक प्रतिमाएं सजने लगी हैं। गांधी नगर में बंगाली कलाकार भी अब अंतिम रूप देने में लगे हैं।

कालिका माता मंदिर में सुबह-शाम गरबा
रतलाम। भक्ति-गरबा और आस्था का संगम नवरात्र में कालिका माता के दरबार में देखने को मिलेगा। कालिका माता सेवा मंडल ट्रस्ट की ओर से 11 से 20 अक्टूबर नवरात्र महोत्सव मनाया जाएगा। इसमें प्रतिदिन सुबह 4 से 6 बजे और शाम 7 से 11 बजे तक 3 हजार के करीब मातृशक्ति का गरबा रास का आयोजन होगा। महिलाएं सिर पर कलश व दीपक रखकर गरबा करेंगी। शाम 7 से 9 बजे तक छोटी बालिकाओं के लिए भी गरबा आयोजित होगा, जबकि रात 9 बजे माता की आरती के बाद महिलाओं का गरबा रास जारी रहेगा।

ब्रह्ममुहूर्त में सुबह 4 बजे माता की पूजा-अर्चना
नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर को ब्रह्ममुहूर्त में सुबह 4 बजे माता की पूजा-अर्चना और दर्शन के साथ होगी। मंदिर रात 11 बजे तक खुला रहेगा। 19 अक्टूबर को अष्टमी के अवसर पर सुबह 4 से 6 बजे तक रंग-गुलाल का गरबा होगा। सुबह 4 बजे दर्शनार्थियों को खीर प्रसाद वितरित किया जाएगा। सुबह 8 बजे से अष्टमी हवन, पूर्णाहुति और आरती होगी। दोपहर 12 बजे कन्या भोज किया जाएगा।

दशहरा की शाम निकलेगी श्रीराम रथयात्रा
20 अक्टूबर को दशहरे पर शाम 5 बजे नगर निगम से राम रथ यात्रा निकलेगी, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए स्टेडियम पहुंचेगी। यहां रावण दहन किया जाएगा। साथ में माता कालिका भी नगर भ्रमण कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगी। ट्रस्ट के अनुसार नवरात्र के दौरान गरीबों के लिए अन्नक्षेत्र भी संचालित रहेगा, अखंड रामायण पाठ होगा। जिसमें प्रतिदिन करीब 400 जरूरतमंद भोजन प्रसादी ग्रहण करते हैं।

गरबा के लिए 1 अक्टूबर से नाम लिखे जाएंगे
गरबारास करने वाली माता-बहनों के नाम 1 से 10 अक्टूबर तक प्रतिदिन झुलेलाल मंदिर हॉ़ल में शाम 7 से 9 बजे तक लिखे जाएंगे। इसके लिए आधार कार्ड एवं पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य होगा। गरबे के लिए पांच वर्ष से अधिक उम्र की बालिकाओं के ही नाम लिखे जाएंगे।

Updated on:
01 Oct 2026 10:32 pm
Published on:
01 Oct 2026 10:21 pm