निर्भया कांड से भी अधिक जघन्य है मंदसौर का ये RAPE कांड, यहां पढे़ शुरू से अब तक का अपडेट
रतलाम। देश की राजधानी दिल्ली में कुछ वर्षो पूर्व निर्भया के साथ चलती बस में हुआ दुष्कर्म का मामला आज तक आप को याद है, भरोसा करें कि मध्यप्रदेश के पश्चिमी जिले व राजस्थान से जुडे़ मंदसौर में 7 वर्ष की मासूम के साथ जो हुआ है, वो आपकी आंखों में आंसू ला देगा। ये कांड निर्भया कांड से भी अधिक जघन्य है। अब तक 400 से अधिक संगठनों ने रतलाम रेंज के मंदसौर, नीमच व रतलाम में इसकी त्रीव भत्र्सना की है। पुलिस ने मामले से जुडे़ दोनों आरोपियों को पकड़ लिया है। बड़ी बात ये है कि रतलाम रेंज में मुस्लिम समाज पहली बार दुष्कर्म के खिलाफ एक साथ आरोपियों के खिलाफ उठ खड़ा हुआ है।
निर्भया जैसी हैवानियत मासूम बच्ची के साथ होने के बाद लोगों का गुस्सा सड़क पर उतरने का क्रम जारी है। रेंज में एक भी गांव या शहर न बचा है जहां इसके खिलाफ अब तक प्रदर्शन न हुआ हो। घटना की रात ही जब मुस्लिम समाज को ये पता चला कि आरोपी का नाम इरफान है तो सबसे पहले शहर काजी ने बयान जारी करते हुए आरोपी से सारे रिश्ते तोडऩे की बात करते हुए एलान कर दिया कि मंदसौर की जमीन पर आरोपी को दफनाने नहीं दिया जाएगा। इतना ही नहीं मंदसौर का मुस्लिम समाज सहित पूरा रेंज ये कह रहा है कि आरोपी को फांसी से कम सजा न हो।
थाने में लगाना पड़ी कोर्ट
पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर पहले आरोपी इरफान को पकड़ा। इसके बाद हजारों लोग सड़कों पर उतर गए। रात तक प्रदर्शन होते रहे। पुलिस अधीक्षक मनोजसिंह को देर रात 11 बजे पत्रकारों के सामने ये बोलना पड़ा कि आरोपी पकड़ में आ गया है। अगले दिन सुबह 7 बजे से सड़क पर मंदसौर में जहां देखों वहां सिर्फ लोग ही लोग थे। पुलिस आरोपी इरफान को कोर्ट में पेश नहीं कर पा रही थी। एेसे में ये पहली बार हुआ कि पुलिस थाने में कोर्ट लगी। कोर्ट ने पुलिस की मांग पर पांच दिन के लिए आरोपी का रिमांड सौपा।
जिंदगी मौत के बीच संघर्ष क्योकि...
निर्भया से भी अधिक जघन्य इस घटना को इसलिए बोला जा रहा है क्योकि बच्ची कुछ बोल पाने में असमर्थ है। इंदौर के चिकित्सकों के अनुसार मासूम के गुप्तांग में लोहे की रॉड या लकड़ी को डाला गया है। इसके अलावा गले पर भी धारदार हथियार के निशान है। बच्ची होश में आती है, कुछ देखती है व फिर चुप हो जाती है। बता दें कि 7 वर्ष की मासूम सी बच्ची के साथ मंगलवार को स्कूल से किडनैप करके दुष्कर्म किया गया। इसके बाद आरोपी यही न रुके, बल्कि बर्बरता से शरीर के गुप्तांग से लेकर अन्य हिस्से पर हमले किए गए। इसके साथ ही गला रेतकर हत्या करने का प्रयास हुआ।
जब चिकित्सक भी कांप गए
मासूम के साथ इस हद तक जाकर हैवानियत हुई की चिकित्सक भी कांप गए। चिकित्सकों के अनुसार इंदौर में अस्पताल में भर्ती दुष्कर्म पीडि़ता मासूम जिंदगी व मौत के बीच लड़ाई लड़ रही है। गुरुवार को मासूम के शरीर के अनेक हिस्सों की सर्जरी की गई। जहां-जहां धारदार हथियार से अनेक वार हुए, वहां गहरे घाव हुए है। इसके अलावा गले में भी तीन सेंटीमीटर का गहरा घाव है। शरीर में मलाशय तक फट गया है। शरीर में अनेक हिस्सों में नुकीले हथियार से वार किए गए है।
इन्होने किया आरोपी का बहिष्कार
घटना के विरोध में अनेक मुस्लिम संगठन सड़क पर उतर गए है। मंदसौर में वक्फ अंजुमन कमेटी के सदर मोहममद यूनुस शेख ने एसपी मनोजसिंह को ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में साफ लिखा है कि समुदाय में इस तरह के जघन्य कांड करने वाले अपराधी के लिए कोई जगह नहीं है। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने की मांग की गई। अपराधी को सिर्फ फांसी देने की मांग के साथ कहा गया कि आरोपी के शरीर के किसी भी हिस्से को कब्रिस्तान में दफन न होने देंगे।
वकीलों ने ले लिया बड़ा निर्णय
घटना के बाद मंदसौर के वकीलों ने घोषणा की है कि वह आरोपी इरफान व आसिफ का केस नहीं लड़ेंगे। मंदसौर बार असोसिएशन ने इरफान व आसिफ का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही कहा कि 100 वकीलों का दल पीडि़ता के पक्ष में खड़ा होगा। तमाम स्कूली बच्चियों ने भी बस स्टैंड पर बैठकर प्रदर्शन किया। मंदसौर से 31 किमी दूर सीतामऊ पब्लिक स्कूल की बच्चियों ने स्कूल यूनिफॉर्म में अपने हाथों को काले रिबन बांधकर प्रदर्शन किया।
सीएम ने दिए जांच के आदेश
दूसरी ओर मंदसौर के विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस और प्रशासन को घटना की पूरी जांच और ट्रायल के आदेश दिए हैं। सीएम ने बताया कि पीडि़ता की हालत में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोर्ट में केस की जल्द सुनवाई होनी चाहिए और अपराधी को इतने निर्मम अपराध के लिए मरने तक फांसी पर लटकाया जाना चाहिए।
शनिवार को रतलाम में प्रदर्शन
शनिवार को घटना के विरोध में बड़ा प्रदर्शन होगा। शहर के मालीकुआं से लोग दोपहर 12 बजे निकलेंगे व शहर के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए दो बत्ती पहुंचेंगे। यहां पर आरोपियों को प्रतिकात्मक रुप से फांसी दी जाएगी।