
Ratlam Religious Conversion Allegations: मध्यप्रदेश के रतलाम में बीमारी और जीवन की परेशानियां दूर होने की उम्मीद दिखाकर आदिवासी परिवारों को धार्मिक सभाओं से जोड़ने का मामला जिले के रावटी में रविवार दोपहर को सामने आया है। तलय चौराहा स्थित एक मकान में बंद कमरे के भीतर हर रविवार बड़ी संख्या में आदिवासी महिला, पुरुष और बच्चों को एकत्रित कर ईसाई प्रार्थना और धार्मिक शिक्षा दिए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस ने मौके से धार्मिक साहित्य और बाइबल की कई पुस्तकें बरामद की हैं।
हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि तलय चौराहा स्थित एक मकान में 25 से अधिक आदिवासी महिला-पुरुष और बच्चों को एकत्रित कर नियमित रूप से ईसाई प्रार्थना कराई जा रही है। सूचना मिलने पर मंच के कार्यकर्ता रावटी थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। मकान का बंद दरवाजा खुलवाने पर अंदर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमीन पर बैठे मिले। वहां धार्मिक गतिविधियां संचालित होने की जानकारी सामने आई।
प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई कि मकान में प्रत्येक रविवार को धार्मिक सभा आयोजित की जाती थी। इसका संचालन एक महिला द्वारा किया जा रहा था। सभा में केवल महिला-पुरुष ही नहीं, बल्कि छोटे बच्चे भी शामिल होते थे। मौके से बड़ी मात्रा में धार्मिक साहित्य और बाइबल की पुस्तकें मिलने के बाद पुलिस ने सामग्री अपने कब्जे में ले ली।
मंच के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रार्थना सभाओं के जरिए आदिवासी परिवारों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। ग्रामीणों को बताया जाता था कि ईसाई प्रार्थना करने से उनकी बीमारियां, दुख-दर्द और जीवन की परेशानियां दूर हो जाएंगी। इसी तरह के कथित प्रलोभन देकर धर्मांतरण का प्रयास किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।