हर साल तो पापा जन्मदिन की पार्टी देते है, इस बार पता नहीं क्यों नहीं दे रहे है। यह बात सोचते सोचते एक लाड़ली ने अपने पिता से इस बारे में सवाल कर लिया। जब हकीकत सामने आई तो जो हुआ वो आप यही पढे़ं। जिले के पिपलौदा के करीब हतनारा में एक बेटी की जीद पर पिता ने ड्यूटीपर तैनात करीब एक दर्जन से अधिक पुलिस कर्मचारियों सहित अन्य का पुष्पमाला से रविवार को सम्मान किया।
रतलाम. हर साल तो पापा जन्मदिन की पार्टी देते है, इस बार पता नहीं क्यों नहीं दे रहे है। यह बात सोचते सोचते एक लाड़ली ने अपने पिता से CORONA VIRUS के बारे में सवाल कर लिया। जब हकीकत सामने आई तो जो हुआ वो आप यही पढे़ं। जिले के पिपलौदा के करीब हतनारा में एक बेटी की जीद पर पिता ने ड्यूटीपर तैनात करीब एक दर्जन से अधिक पुलिस कर्मचारियों सहित अन्य का पुष्पमाला से रविवार को सम्मान किया। असल में हतनारा के जगदीश पाटीदार का रविवार को जन्मदिन था। हर बार वे अपने परिवार को पार्टी देते है, इस बार लॉकडाउन के चलते जब पार्टी के लिए परिवार के लिए नहीं ले गए तो बेटी आर्या ने इसक लिए जीद की। इसके बाद जब कोरोना के बारे में बताया गया तो बेटी ने कहा कि फिर तो जो हमको बचाने के लिए ड्यूटी कर रहे है उनका सम्मान होना चाहिए। इसके बाद स्वयं ही अपने हाथ से कर्मचारियों के लिए पुष्प की मालाएं बनाई।
पाटीदार ने बताया कि जब लॉकडाउन लगा था तो उनको लगा था कि जल्दी ही यह खुल जाएगा। इसलिए परिवार को कह दिया था कि जन्मदिन तक सब खुल जाएगा। फिर पार्टी पर चल पाएंगे। रविवार को जब सब बंद रहा तो बेटी आर्या ने कहा कि जो वादा किया वो निभाना पडेग़ा। इस पर बेटी को समझाया कि कोरोना चल रहा है, बाहर जाना खतरे वाला है। इस पर बेटी ने सवाल किया कि पुलिस अंकल, दूसरे लोग भी तो बाहर है। तब बताया कि वे लोग हमको बचाने के लिए ही ड्यूटी कर रहे है।
दौड़कर गई व फूल ले आई
इसके बाद आर्या घर के बगीचे में दौड़कर चली गई। इसके बाद दिनभर बैठकर बच्चों ने मालाएं बनाई व देकर कहा कि जो हमको बचाने के लिए काम कर रहे है, उनका सम्मान होना चाहिए। इसके बाद पुलिस कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता आदि का सम्मान करके नाश्ता व भोजन के पैकेट दिए।