-पत्रिका के स्टिंह में चौंकाने वाला खुलासा-आदिवासी अंचल में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल-स्वास्थ केंद्र में वार्ड बाय कर रहा मरीजों का इलाज-मरीजों से हर काम के वसूले जा रहे रुपए
रतलाम. कहने को राज्य सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल में कई तरह की सुविधाओं को निशुल्क किया हुआ है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की आंखों को मोतियाबिंद हो गया है, उनको गलत काम नजर ही नहीं आ रहे है। आदिवासी क्षेत्र सैलाना विकासखंड के बेड़दा में वार्ड बाय बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र बनाने से लेकर दवाओं के नाम पर अवैध वसूली कर रहा है। आदिवासी अंचल में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं।
हालात ये हैं कि, जहां रोड पर डिलेवरी होने के मामले सामने आ रहे हैं, वहीं अब स्वास्थ्य केंद्र पर वार्ड बाय के खुलेआम डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर इलाज करने, मरीजों से अलग - अलग काम के रुपए अवैध रुप से वसूलने का मामला भी सामने आ गया है।
मरीज का इलाज जारी
बेड़दा के इस स्वास्थ्य केंद्र में सिर दर्द की बीमारी लेकर एक मरीज पहुंचा। उसको वार्ड बाय ने दवा लिखकर दी। बदले में 50 रुपए ले लिए।
50 रुपए प्रमाण पत्र के
अगर बेड़दा के स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसुति हुई है तो जन्म प्रमाण पत्र बनाकर लेने के ५० रुपए देना होते है। हाथ में 50 का नोट रुपए देने वाले के हाथ में साफ नजर आ रहा है।
रुपए टेबल के अंदर
रुपए हाथ में लेकर वार्ड बाय टेबल की दराज में रखता है। रुपए के अभाव में न तो दवा मिलती है नहीं कोई इलाज होता है।
घर के कपड़े में रहता
वार्ड बाय अगर मरीज नहीं हो तो मोबाइल में गेम खेलने में भी व्यस्त रहता है। इस दौरान घरेलू कपड़ों में उपस्थिति रहती है।
इस दराज में रहते रुपए
मरीज या उनके परिजन से रुपए लेकर टेबल की इसी दराज में रखे जाते है। दिनभर जितने रुपए आते है उसको गिनकर वार्ड बाय रवाना हो जाता है।
एक नजर हिसाब किताब पर
-वार्ड बाय पीयूष बिलवानिया
-50 रुपए प्रसुति के बाद प्रमाण पत्र के
-200 रुपए प्रसुति के लिए भर्ती करने के
-100 रुपए बुखार, सर्दी होने पर इलाज व दवाई के
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. जितेंद्र रायकवार से सीधी बात
पत्रिका- बेड़दा में वार्ड बाय सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज से लेकर दवा के नाम पर रुपए ले रहा है।
बीएमओ- पूर्व में पीयूष की शिकायत आई थी, तब उसको अच्छे से समझा दिया गया था।
पत्रिका- सोमवार सुबह भी ये ही हरकत की है।
बीएमओ- अगर ऐसा है तो गलत है। फिर समझा देंगे।
पत्रिका- सरकारी योजना में रुपए लिए जा सकते है क्या।
बीएमओ- 5 रुपए की मरीज की रसीद बनती है। इसके अलावा नहीं लिए जा सकते है।
पत्रिका- 50 से लेकर 200 तक रुपए लिए जा रहे है।
बीएमओ- ये गलत है, फिर समझा देंगे। वो रतलाम से जाकर आदिवासी क्षेत्र में सेवा करता है, से भी देखना जरूरी है।
सख्त कार्रवाई की जाएगी- CMHO
पत्रिका द्वारा सीएमएचओ डॉ. पी ननावरे को इस मामले से अवगत कराया गया तो उन्होंने कहा कि, मेरी जानकारी में इस प्रकार का मामला पहली बार आ रहा है। जांच के आदेश जारी किए जा रहे है। जांच के बाद आई रिपोर्ट पर कार्रवाई की जाएगी।