अब तक श्रमिक या मजदूर कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन में पैदल चलकर अपने घर जा रहे थे। अब बड़ा निर्णय हो गया है। इस वर्ग को कोरोना वायरस के दौरान लगे लॉकडाउन में अब पैदल नहीं चलना होगा। इनके लिए मध्यप्रदेश के रतलाम जिले की सीमा पर कलेक्टर रुचिका चौहान वाहन तैयार कर दिए गए है।
रतलाम. अब तक श्रमिक या मजदूर कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन में पैदल चलकर अपने घर जा रहे थे। अब बड़ा निर्णय हो गया है। इस वर्ग को कोरोना वायरस के दौरान लगे लॉकडाउन में अब पैदल नहीं चलना होगा। इनके लिए मध्यप्रदेश के रतलाम जिले की सीमा पर कलेक्टर रुचिका चौहान वाहन तैयार कर दिए गए है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर पैदल चलते मजदूरों के लिए विशेष रूप से गाडिय़ों की व्यवस्था रतलाम जिले में की गई है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर पैदल चलते मजदूरों के लिए विशेष रूप से गाडिय़ों की व्यवस्था रतलाम जिले में की गई है। मजदूरों की सहूलियत के लिए जिले के सभी छह चेक पोस्ट पर बड़ी तूफान गाडिय़ां तैनात की गई हैं।कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि जिले की सीमाओं पर कहीं से भी पैदल चलते हुए मजदूर दिखते हैं तो तूफान गाड़ी उसके पास पहुंचकर उसे कैंप स्थल तक पहुंचाएगी या ऐसे बस पॉइंट तक पहुंचाएगी जहां से उसे अपने आगे गंतव्य तक पहुंचने के लिए वाहन मिल सकें।
हर वाहन के लिए दो चालक
कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि प्रत्येक गाड़ी पर दो ड्राइवर रखे गए हैं। प्रशासन द्वारा तय की गई व्यवस्था के अनुसार जिले के चेक पोस्ट सालाखेड़ी से वनस्थली तथा वनस्थली से वापस सालाखेड़ी तक वाहन चलेंगे। इसी तरह सालाखेड़ी से रानीसिंग तथा रानीसिंग से वापस सालाखेड़ी तक चाहन चलेंगे। इसी तरह सालाखेड़ी से जावरा तथा जावरा से वापस सालाखेड़ी वाहन चलते रहेंगे। जिले के सेजावता से कुंडा तथा कुंडा से वापस सेजावता तक वाहन चलेंगे। इतना ही नहीं मंदसौर, नीमच या राजस्थान की तरफ से आने वाले श्रमिकों के लिए माननखेड़ा से बड़ावदा तथा बड़ावदा से वापस माननखेड़ा तक चाहन चलेंगे। इसके अलावा सालाखेड़ी से करमदी होते हुए बाजना तथा बाजना से शिवगढ़ करमदी होते हुए वापस सालाखेड़ी वाहन चलेंगे।