बेसन व मसालों के बढ़े दाम ने किया रतलामी सेव को महंगा..कहीं 200 तो कहीं बिक रहा 240 रुपए प्रतिकिलो...
रतलाम. देश व दुनिया में अपने नमकीन स्वाद के लिए पहचानी जाने वाली रतलामी सेव के दाम बीते तीन माह में फिर एक बार बढ़ गए है। शहर में अलग-अलग क्षेत्र में सेव 200 रुपए से लेकर 240 रुपए प्रतिकिलो तक मिल रही है। दुकानदान इसकी वजह लॉकडाउन में बेसन व मसालों के बढ़े दाम को बता रहे है। शहर में करीब 550 लोग इस कारोबार में दुकान पर कारोबार कर रहे है।
बेसन और मसालों के दाम बढ़ने से हुआ महंगा
आमतौर पर तेल के दाम बढ़ते हैं तो शहर में सेव के दाम में वृद्धि होती है, लेकिन इस बार तेल के दाम दस दिन में कम हुए हैं। लेकिन बेसन से लेकर मसालों के दाम बढ़ गए हैं। इससे सेव के दाम में कहीं पर 10 प्रतिशत तो कहीं पर 15 से 18 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। शुद्ध मुंगफली के तेल की सेव 240 रुपए प्रतिकिलो तो अन्य तेल से बनी सेव २०० रुपए प्रतिकिलो मिल रही है।
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इस तरह आया असर
असल में दो माह पूर्व जब लॉकडाउन नहीं लगा था तब शहर में सेव के दाम 180 रुपए से लेकर 200 रुपए प्रतिकिलो थे। तब मुंगफली के तेल की सेव 200 रुपए किलो जबकि सोयाबीन के तेल की सेव 160 रुपए से लेकर 180 रुपए किलो थी। अब बाजार जब खुले तो तेल के दाम तो सस्ते हुए, लेकिन बेसन से लेकर गरम मसाले जो सेव में डाले जाते हैं उनके दाम कम नहीं हुए। इससे ही सेव के दाम में वृद्धि हुई है। बाजार खुलते ही शहर में सेव की दुकानों पर भीड़ है, लेकिन दाम बढ़ने से लोग निराश हैं। हालांकि स्वाद के चलते लेने की मजबूरी भी है। सिर्फ सेव के दाम बढ़े हो ऐसा भी नहीं है, आलू भी महंगा हो गया है व इसकी बनी फरियाली चिप्स 250 रुपए से बढ़कर अब 300 रुपए प्रतिकिलो हो गई है।
पहले क्या थे भाव और अब कितने हुए दाम
बता दें कि रतलाम शहर का नमकीन पूरे देश में प्रसिद्ध है। इसका स्वाद जिसकी भी जुबान पर चढ़ जाए वो इसका दीवाना हो जाता है। रतलाम शहर में ही 550 से ज्यादा सेव के कारोबारी हैं और इससे सेव के कारोबार से करीब 11 हजार लोगों को रोजगार मिलता है। रतलामी सेव पर आई महंगाई पर एक नजर...
- बेसन पहले 65 रुपए प्रतिकिलो
- अब 90 रुपए प्रतिकिलो
- तेल सोयाबीन पहले 140 रुपए प्रति किलो
- अब 160 रुपए प्रतिकिलो
- मुंगफली तेल पहले - 150 रुपए
- अब 180 रुपए प्रतिकिलो
- सफेद मिर्च पहले - 120 रुपए किलो
- सफेद मिर्च अब - 160 रुपए प्रतिकिलो
- लोंग - पहले 500 रुपए प्रतिकिलो
- लोंग अब - 700 रुपए प्रतिकिलो
- हींग - पहले 12 हजार रुपए किलो
- हींग - अब 16 हजार रुपए किलो
- पूर्व में खपत - 700 से 800 किलो प्रतिदिन
- अब कितनी हो रही - 550 से 650 किलो प्रतिदिन
कितना नमकीन रोजाना बनता है - 900 से एक हजार किलो औसत अनुसार
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