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April 2026 Pradosh Vrat Dates: शिव कृपा पाने का सुनहरा मौका, जानें कब-कब रखें बुध और भौम प्रदोष व्रत

Pradosh Vrat Dates April 2026: अप्रैल 2026 में आने वाले प्रदोष व्रत भक्तों के लिए भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ समय लेकर आ रहे हैं। इस महीने दो महत्वपूर्ण प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं, बुध प्रदोष और भौम प्रदोष।

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Apr 05, 2026
अप्रैल में कब आएंगे शुभ प्रदोष|Freepik

April 2026 Pradosh Vrat Dates: अप्रैल 2026 का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इस दौरान प्रदोष व्रत के शुभ अवसर मिलेंगे। प्रदोष व्रत को शिव कृपा पाने और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन प्रदोष काल में विधि-विधान से शिव-पार्वती की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। हर महीने की तरह इस बार भी कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर यह व्रत रखा जाएगा। आइए जानते हैं अप्रैल 2026 में पड़ने वाले प्रदोष व्रत की सही तिथियां, महत्व और पूजा विधि।

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पहला- बुध प्रदोष व्रत 15 अप्रैल 2026 (Budh Pradosh Vrat 2026 April)

जब प्रदोष व्रत बुधवार को पड़ता है, तो इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस दिन व्रत रखने से बुद्धि, वाणी और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होता है। जो लोग अपने करियर, पढ़ाई या पारिवारिक संबंधों में संतुलन चाहते हैं, उनके लिए यह व्रत विशेष लाभकारी माना जाता है।

Pradosh Vrat Puja Time: पूजा का शुभ समय

शाम 6:56 बजे से रात 9:13 बजे तक प्रदोष काल रहेगा, जो पूजा के लिए सबसे उत्तम समय है।

पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूरे दिन व्रत रखते हुए मन में शिव का स्मरण करें। प्रदोष काल में शिवलिंग का जल, दूध और बेलपत्र से अभिषेक करें। ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें और अंत में आरती कर अपनी मनोकामना व्यक्त करें।

दूसरा- भौम प्रदोष व्रत 28 अप्रैल 2026 (Bhaum Pradosh Vrat 2026 April)

मंगलवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत भौम प्रदोष कहलाता है। यह व्रत साहस, स्वास्थ्य और कर्ज से मुक्ति के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। जो लोग मानसिक तनाव या आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह दिन नई आशा लेकर आता है।

Pradosh Vrat Puja Muhurat: पूजा का शुभ समय

शाम 7:01 बजे से रात 9:07 बजे तक पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा।

पूजा विधि

दिन की शुरुआत स्नान और शुद्धता से करें। व्रत के दौरान फलाहार लें और शाम को शिवलिंग का जल, दूध, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें। लाल फूल, धतूरा और बेलपत्र अर्पित करें। दीपक जलाकर शिव मंत्रों का जाप करें और श्रद्धा से आरती करें।

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Published on:
05 Apr 2026 11:28 am
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