Maa Saraswati ko Khush karne ke Upay: शास्त्रों में मां सरस्वती को खुश करने और माता की कृपा पाने के आसान से उपाय बताए गए हैं। इन्हें अपनाकर आप पढ़ाई और संगीत के क्षेत्र में कामयाबी हासिल कर सकते हैं।
Maa Saraswati Kaise Khush Hoti Hai: सनातन धर्म में मां सरस्वती को विद्या औप संगीत की देवी कहा जाता है। आम मान्यता है कि सफलता के लिए कड़ी मेहनत के साथ मां सरस्वती का आशीर्वाद होना भी बहुत जरूरी है। इस बार 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को बसंत पंचमी का पवित्र त्यौहार आ रहा है। धार्मिक विद्वानों कहते हैं कि यदि आप विद्यार्थी हैं या संगीत-कला के क्षेत्र से जुड़े हैं, तो मां सरस्वती को प्रसन्न करना आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है। खासकर, बसंत पंचमी को मां के खास दिन पर किए गए पूजा-पाठ और जप विशेष लाभ देते हैं। इस लेख में समझिए, वीणा-वादिनी, विद्यादायिनी, संगीत और ज्ञान की देवी मां शारदे, मां सरस्वती की कृपा पाने के आसान उपाय।
मां सरस्वती को वाचा की देवी कहा जाता है।इस दिन इस बात का खास ध्यान रखें कि माता की कृपा पाने के लिए, हमेशा सत्य बोलें और अपनी वाणी से किसी का दिल न दुखाएं। अपनी किताबों, पेन और वाद्ययंत्रों को कभी जमीन पर न रखें और उन्हें हमेशा साफ-सुथरा रखें। शिक्षा और पढ़ाई से जुड़ी हर चीज का सम्मान करें। इन बातों का ध्यान न रखने से मां की कृपा से आप वंचित रह सकते हैं। ऐसे में सभी का सम्मान करें और शिक्षा व संगीत से जुड़ी चीजों का अनादर न करें।
सही दिशा: पढ़ाई करते समय हमेशा अपना मुख उत्तर (North) दिशा की ओर रखना चाहिए। इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
ब्रह्म मुहूर्त: सूर्योदय से पहले उठकर ध्यान लगाने से मन शांत होता है और याददाश्त तेज होती है।
गुरु का आदर: अपने गुरुओं और माता-पिता का सम्मान करने वालों से मां सरस्वती सदैव खुश रहती हैं।
हल्दी और नीम का उबटन लगाकर स्नान करें। स्नान के बाद, पीले वस्त्र पहनें। मां की पूजा और आरती करें। साथ ही विद्वानों के अनुसार, वसंत पंचमी के दिन मां की स्तुति और मंत्र जप करना बहुत लाभकारी और खास फल देने वाला होता है। इस दिन किताबें, वाद्य यंत्र और कलम जैसी शिक्षा और कला से जुड़ी चीजों की पूजा की जाती है।
मां को सफेद और पीला रंग अत्यंत प्रिय है। पूजा के समय उन्हें पीले वस्त्र, गेंदे के फूल और सफेद चंदन चढ़ाएं। भोग में आप केसर की खीर, दही या मिश्री चढ़ा सकते हैं।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार, पूजा के दौरान "ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः" का जाप करें। इससे बुद्धि प्रखर होती है। साथ ही पढ़ाई और संगीत के मार्ग में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। आत्मविश्वास बढ़ता है और डर खत्म होने लगता है। सच्चे मन और श्रद्धा से पूजा-पाठ, मां का नाम और मंत्र जप करने से आत्मिक शांति और उन्नति के रास्ते खुलने लगते हैं।