Mercury Transit 30 April 2026 : 30 अप्रैल 2026 को बुध मेष राशि में प्रवेश कर सूर्य के साथ बुधादित्य योग बनाएंगे। जानें इसका असर राशियों, करियर, बिजनेस, शेयर मार्केट और स्वास्थ्य पर कैसा रहेगा।
Budh Rashi Parivartan 2026 ,Budh Gochar 2026 : वैदिक ज्योतिष के अनुसार सभी ग्रह समय-समय पर अपनी राशि बदलते रहते हैं। वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की युति विशेष महत्व रखती है, और जब सूर्य और बुध एक ही राशि में एक साथ आते हैं, तो यह बुधादित्य योग का निर्माण करता है। यह योग बुद्धि, वाणी, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाता है।
30 अप्रैल 2026 को बुध मीन राशि से निकलकर (Budh Rashi Parivartan 2026) मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से ही सूर्य विराजमान होंगे। यह युति मेष राशि में बुधादित्य योग का निर्माण करेगी, जो विशेष रूप से कुछ राशियों के लिए अत्यंत शुभ फलदायी सिद्ध होगी।
(वीडियो सोर्स:@AtulTripathi)
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि बुध को वाणी, व्यापार और बुद्धि के कारक माना जाता है। बुध 30 अप्रैल 2026 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। बुध के राशि परिवर्तन होने से इनकम, निवेश और लेन-देन पर असर पड़ता है। जिससे कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है तो कुछ लोगों को नुकसान भी होता है। इस ग्रह के कारण शेयर मार्केट से जुड़े लोग ज्यादा प्रभावित होते हैं। साथ ही शरीर में नसें, तंत्रिका तंत्र, गले और स्किन से जुड़ी बीमारी भी बुध की वजह से होती है। इस ग्रह के कारण तर्क शक्ति पर असर पड़ता है। साथ ही पत्रकारिता, शिक्षा, लेखन और वकालात से जुड़े लोगों के कामकाज में भी बड़े बदलाव होते हैं।
बुद्धि-वाणी के कारक ग्रह बुध 30 अप्रैल 2026 को सुबह 6:38 मिनट पर मेष राशि में गोचर करेंगे और वे इस स्थिति में 14 मई तक रहेंगे। इस राशि के स्वामी मंगल हैं और ज्योतिष में मंगल-बुध के बीच शत्रुता का भाव माना गया है। इसलिए बुध का यह राशि परिवर्तन बेहद प्रभावशाली रहने वाला है, क्योंकि इसका असर सीधे व्यक्ति की सोच, कार्य, व्यापार और रिश्तों पर पड़ सकता है। इस गोचर में कुछ लोगों को आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे, तो कुछ को थोड़ा संभलकर चलने की जरूरत रहेगी।
बुध पुरुष ग्रह होने के बावजूद नपुंसक ग्रह कहलाता है। अर्थात यह जिस ग्रह के साथ बैठ जाए उसकी तरह व्यवहार करने लगता है। वक्री बुध यदि किसी खराब ग्रह के साथ बैठ गया और उसके खराब फल में वृद्धि हो जाती है।
बुध का वैदिक मंत्र
ॐ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रति जागृहि त्वमिष्टापूर्ते सं सृजेथामयं च।
अस्मिन्त्सधस्थे अध्युत्तरस्मिन् विश्वेदेवा यजमानश्च सीदत।।
बुध का तांत्रिक मंत्र
ॐ बुं बुधाय नमः
बुध का बीज मंत्र
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
मेष राशि में बुध के आ जाने से मिथुन, कर्क, कन्या, वृश्चिक और मीन राशि वाले लोगों के लिए अच्छा समय रहेगा। इन राशियों के लोगों को जॉब और बिजनेस में आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। रुका हुआ पैसा मिलने के भी योग बन रहे हैं। लेन-देन और निवेश में फायदा हो सकता है। इसके अलावा इन राशियों के लोग बड़े कामकाज की योजनाएं बनाएंगे। इन लोगों की तर्क शक्ति भी बढ़ेगी।
बुध के राशि परिवर्तन से मेष, सिंह, तुला, धनु और कुंभ राशि वाले लोगों के लिए समय सामान्य रहेगा। इन 4 राशि वाले लोगों के सोचे हुए काम पूरे हो सकते हैं। कामकाज को लेकर नए और बड़े लोगों से मुलाकात हो सकती है। रोजमर्रा के कामों में मेहनत भी ज्यादा करनी पड़ेगी। दौड़-भाग बनी रहेगी। साथ ही लेन-देन और निवेश सोच-समझकर करना होगा। सेहत के मामलों में इन राशि वालों को संभलकर रहना होगा।
बुध के मेष राशि में आ जाने से वृष और मकर राशि वाले लोगों को संभलकर रहना होगा। इन 3 राशियों के लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है। सेविंग खत्म होने और निवेश में नुकसान होने की आशंका है। लेन-देन में भी सावधानी रखनी होगी। किस्मत का साथ नहीं मिल पाएगा। नसों से संबंधी रोग हो सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों के कामकाज में बदलाव और स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं।