Chaitra Navratri 2024 in Kharmas माता दुर्गा की पूजा का उत्सव चैत्र नवरात्रि आने वाला है। लोग कई शुभ काम के लिए इसका इंतजार करते हैं, लेकिन क्या आपको मालूम है चैत्र नवरात्रि 2024 पर खरमास का बुरा साया है। आइये प्रसिद्ध ज्योतिषी मनीष तिवारी से जानते हैं चैत्र नवरात्रि के किसी दुष्परिणाम से बचने के लिए आपको किन कामों से दूर रहना चाहिए (Kharmas ki navratri me kya na kare )।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब ग्रहों के राजा सूर्य गुरु की राशि धनु और मीन में भ्रमण करते हैं तो इस महीने को खरमास कहते हैं। मान्यता है कि इस समय सूर्य देव गुरु देव बृहस्पति से मंत्रणा और उनकी सेवा करते हैं। इस कारण धरती पर उनका प्रभाव कम रहता है। इसलिए इस समय शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं, क्योंकि ऐसा करने से इन कामों में विघ्न पड़ता है। इस समय केवल पूजा पाठ जप तप का विधान है।
इधर 14 मार्च को सूर्य नारायण ने मीन राशि में प्रवेश किया है। अब सूर्य 13 अप्रैल को रात 9.15 बजे मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तब खरमास खत्म होगा। इधर, 9 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रही है। इसलिए शुरुआत के पांच दिन गृह प्रवेश, नई संपत्ति खरीदने जैसा शुभ काम बंद रहेंगे। ज्योतिषी मनीष तिवारी से आइये जानते हैं चैत्र नवरात्रि पर खरमास के बुरे साये के बीच कौन से काम पर रोक है और कौन से काम कर सकते हैं।
पं तिवारी का कहना है कि सामान्य रूप से नवरात्रि में सभी शुभ काम किए जा सकते हैं, लेकिन शुरुआत के पांच दिन खरमास में पड़ रहे हैं। इसलिए इस समय शुभ कार्य के लिए रूक जाना ही बेहतर है। क्योंकि कार्य की सफलता के लिए जल्दबाजी ठीक नहीं है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास में गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत (ब्राह्मणों को छोड़कर) समेत सभी 16 संस्कार आदि इस समय करने से परहेज करना चाहिए। वर्ना इन कामों में बाधा आती है और बाद में भी इसके दुष्परिणाम झेलने पड़ते हैं।
मान्यताओं के अनुसार खरमास में प्लॉट, रत्न आभूषण, नया वाहन, घर की खरीद नहीं करनी चाहिए वर्ना इसमें आर्थिक नुकसान हो सकता है। साथ ही ये चीजें भविष्य में भी किसी दुष्परिणाम का कारण बन सकती हैं।
खरमास की नवरात्रि में किसी नये काम, नये व्यापार को शुरू करने से भी परहेज करना चाहिए और खरमास के बाद नवरात्रि के छठे दिन से इस काम को कर सकते हैं।
पं मनीष तिवारी के अनुसार नवरात्रि माता की पूजा का उत्सव है, इस समय सभी को विधि विधान से माता दुर्गा की पूजा करनी चाहिए। जबकि खरमास वाले दिनों में शुभ काम से परहेज करना चाहिए। हालांकि इस समय मुंडन और नये कपड़े खरीदने जैसे काम कर सकते हैं। इस समय ब्राह्णण यज्ञोपवीत भी कर सकते हैं, क्योंकि उपनयन (पठन-पाठन) ब्राह्मणों का कार्य है।