धर्म और अध्यात्म

Gudi Padwa 2026 Date: गलत दिशा में न लगाएं गुड़ी, जानें सही विधि, नियम और इस पर्व का खास महत्व

Gudi Padwa 2026: हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक गुड़ी पड़वा इस साल बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस दिन गुड़ी लगाने के सही नियम और दिशा जानना बेहद जरूरी है, ताकि घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।

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Mar 18, 2026
Gudi Padwa 2026 muhurat|फोटो सोर्स- Freepik

Gudi Padwa 2026: चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा के साथ हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है, जिसे गुड़ी पड़वा के रूप में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। इस दिन घर में लगाई जाने वाली गुड़ी यानी विजय पताका शुभता और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। मान्यता है कि सही दिशा और विधि से गुड़ी लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। वहीं गलत दिशा में लगाने से इसके शुभ फल कम हो सकते हैं। ऐसे में इस खास पर्व पर गुड़ी स्थापित करने के सही नियम जानना बेहद जरूरी है।

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Gudi Padwa 2026 Shubh Muhurat: कब मनाया जाएगा गुड़ी पड़वा 2026?

द्रिक पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026 को सुबह 06:52 बजे शुरू होकर 20 मार्च को सुबह 04:52 बजे समाप्त होगी। इसलिए इस वर्ष गुड़ी पड़वा का पावन पर्व 19 मार्च को पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा।

गुड़ी पड़वा का आध्यात्मिक महत्व

गुड़ी पड़वा हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। मान्यता है कि इसी दिन सृष्टि की रचना हुई थी। यह पर्व जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और नई शुरुआत का संदेश देता है। गुड़ी को विजय, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है, जिसे घर के बाहर लगाकर हम सुख-शांति का स्वागत करते हैं।

गुड़ी लगाने की सही दिशा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुड़ी को हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा में लगाना चाहिए। पूर्व दिशा सूर्य की दिशा मानी जाती है, जो जीवन में प्रकाश और ऊर्जा लाती है, जबकि उत्तर दिशा धन और समृद्धि से जुड़ी होती है।ध्यान रखें कि गुड़ी को कभी भी दक्षिण दिशा में न लगाएं, क्योंकि इसे नकारात्मकता और बाधाओं की दिशा माना गया है। सही दिशा में गुड़ी लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।

Gudi Padwa Ke Niyam: गुड़ी पड़वा पर क्या करें

इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, विशेष रूप से तेल स्नान को शुभ माना जाता है। नए वस्त्र पहनें और घर की साफ-सफाई करें। आंगन में रंगोली बनाएं और गुड़ी की विधिवत पूजा करें। प्रसाद में पूरन पोली, श्रीखंड या मीठे व्यंजन बनाना शुभ होता है। शाम के समय गुड़ी की पूजा कर उसे उतारकर सुरक्षित स्थान पर रख दें।

क्या न करें इस दिन

गुड़ी पड़वा के दिन क्रोध, विवाद और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए। तामसिक भोजन जैसे मांस, मदिरा और लहसुन-प्याज का सेवन न करें। पुराने या गंदे कपड़े पहनने से बचें। यह दिन शुभ कार्यों की शुरुआत से अधिक पूजा और आत्मशुद्धि का दिन माना जाता है।

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Updated on:
18 Mar 2026 11:33 am
Published on:
18 Mar 2026 11:32 am
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