Guru Margi: 11 मार्च 2026 को गुरु मार्गी होंगे और सिंह, कन्या, तुला व मीन राशि वालों की किस्मत चमकने वाली है। जानें करियर, पैसा और सफलता का पूरा राशिफल।
Guru Margi: अगर पिछले कुछ महीनों से आपके काम अटक रहे थे या मेहनत के बावजूद नतीजे नहीं मिल रहे थे, तो खुश हो जाइए। ग्रहों के राजा और सुख-सौभाग्य के प्रदाता गुरु (बृहस्पति) अब अपनी चाल बदलने जा रहे हैं। 11 नवंबर 2025 से उल्टी चाल (वक्री) चल रहे गुरु अब 11 मार्च 2026 को मिथुन राशि में मार्गी यानी सीधी चाल शुरू करेंगे।
ज्योतिष शास्त्र में गुरु का मार्गी (Guru Margi) होना एक बड़ी घटना मानी जाती है, क्योंकि यह रुकावटों को खत्म कर समृद्धि के द्वार खोलता है। आइए जानते हैं किन 4 राशियों के लिए यह समय 'गोल्डन पीरियड' साबित होने वाला है।
सिंह राशि वालों के लिए गुरु का मार्गी (Guru Margi) होना किसी वरदान से कम नहीं है। गुरु आपके 11वें भाव (लाभ स्थान) में सीधी चाल चलेंगे।
अटके काम: जो प्रोजेक्ट्स महीनों से फंसे थे, वे अब रफ्तार पकड़ेंगे।
करियर: नई नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को बेहतरीन ऑफर मिल सकते हैं।
छात्र: विद्यार्थियों को गुरुओं और मार्गदर्शकों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग बनेंगे।
कन्या राशि के जातकों के लिए पिछला कुछ समय मानसिक और आर्थिक तनाव भरा रहा होगा, लेकिन अब राहत की बारी है।
पारिवारिक जीवन: घर में चल रहे मनमुटाव खत्म होंगे और माहौल खुशहाल रहेगा।
धन लाभ: पैसों की तंगी दूर होगी और आय के नए स्रोत खुलेंगे।
किस्मत का साथ: भाग्य की मदद से आप उन कामों को भी पूरा कर लेंगे जिन्हें आपने नामुमकिन मान लिया था।
तुला राशि के जातकों के लिए गुरु का प्रभाव उनके 'भाग्य भाव' पर पड़ेगा। अब आपकी मेहनत को किस्मत का तगड़ा सपोर्ट मिलने वाला है।
कार्यक्षेत्र: दफ्तर में आपके काम की तारीफ होगी और सीनियर आपके फैसलों का सम्मान करेंगे।
नौकरी में बदलाव: यदि आप करियर स्विच करना चाहते हैं, तो मार्च के बाद का समय सबसे सटीक है।
यात्राएं: इस दौरान की गई व्यावसायिक यात्राएं भविष्य में बड़े आर्थिक लाभ का कारण बनेंगी।
चूंकि गुरु आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए इनका मार्गी होना आपके लिए सबसे ज्यादा प्रभावशाली रहेगा।
संपत्ति का योग: मार्च के बाद आप नया घर, ज़मीन या अपनी पसंदीदा कार खरीद सकते हैं।
करियर की बाधाएं: प्रोफेशनल लाइफ में आ रही सभी रुकावटें अब खुद-ब-खुद दूर होने लगेंगी।
आध्यात्मिक शांति: माता-पिता के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा और आप किसी तीर्थ यात्रा पर भी जा सकते हैं।
ज्योतिष में गुरु को विस्तार और ज्ञान का कारक माना जाता है। जब गुरु वक्री होते हैं, तो इंसान को अपनी गलतियों को सुधारने का मौका मिलता है, लेकिन प्रगति धीमी हो जाती है। अब मार्च 2026 से गुरु के मार्गी (Guru Margi) होने पर 'विस्तार' का दौर शुरू होगा।
एक प्रो-टिप: गुरु की कृपा को और बढ़ाने के लिए गुरुवार के दिन चने की दाल और गुड़ का दान करें या माथे पर केसर का तिलक लगाएं। इससे गुरु का शुभ प्रभाव दोगुना हो जाता है।