Horoscope, Aast jupiter 2022: ज्योतिष में बृहस्पति यानि गुरु ग्रह को एक विशेष स्थान प्राप्त है। ऐसे में जहां इसका राशि परिवर्तन ज्योतिष में अति विशेष माना जाता है, वहीं इसका अस्त होना सभी राशियों को अत्यधिक प्रभावित करता है।
Horoscope, Guru Asta 2022 : ज्योतिष के प्रमुख ग्रहों में से एक व देवगुरु बृहस्पति को अत्यंत विशेष माना जाता है। इनमें होने वाला किसी भी तरह का परिवर्तन जहां सभी 12 राशियों को प्रभावित करता है, वहीं इनका अस्त होना ज्योतिष शास्त्र में शुभ नहीं माना जाता।
यूं तो देवगुरु बृहस्पति को ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत शुभ ग्रह माना गया है। लेकिन कुछ स्थितियों में इनकी शक्तियां क्षीण होने के चलते इनके शुभ प्रभावों में काफी प्रभाव आता है, जिसके चलते इनके शुभ प्रभाव अपना असर नहीं दिखा पाते।
ज्योतिष के जानकार एके शुक्ला के अनुसार कुंभ राशि में रविवार,13 फरवरी को ग्रहों के राजा सूर्यदेव गोचर कर गए हैं। ऐसे में इस राशि में सूर्य के आने से यहां मौजूद गुरु की शक्तियां कमजोर हो गई हैं। वहीं कुंभ राशि में मौजूद बृहस्पति ग्रह यानि गुरु सूर्य के प्रभाव के चलते शनिवार,19 फरवरी से अस्त होने जा रहे हैं।
जिसके बाद यह इसी राशि में 32 दिन तक अस्त रहने के पश्चात देवगुरु 20 मार्च, 2022 को अपनी सामान्य अवस्था में वापस आ जाएंगे। देवगुरु के अस्त के दौरान कुछ राशि के जातकों को इसके नुक्सान से बचने के लिए सतर्क रहना होगा।
देवगुरु कब होंगे अस्त:
पंडित शुक्ला के अनुसार हिंदी पंचांग के मुताबिक शनिवार, 19 फरवरी 2022 को 11:13 AM बजे देवगुरु बृहस्पति कुंभ राशि में अस्त हो जाएंगे। इसके बाद देवगुरु बृहस्पति रविवार, 20 मार्च 2022 की सुबह 09:35 AM बजे कुंभ राशि में ही वापस अपनी सामान्य अवस्था में आ जाएंगे। आइए जानते हैं राशिफल-
कन्या राशि (Virgo)-
देवगुरु बृहस्पति के गोचर के दौरान कन्या राशिवालों को सावधान रहने की जरुरत है। इस दौरान जॉब में परिवर्तन हो सकता है। इस दौरान जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। वहीं इस समयावधि में धन लाभ की स्थिति के बीच फिजुल खर्च का योग भी बना हुआ है। उचित होगा कि इससे बचने का प्रयास करें। जीवन साथी से मनमुटाव की स्थिति को इस दौरान टालने का प्रयास करें। सेहत का ख्याल रखें।
वृश्चिक राशि (Scorpio)-
देवगुरु बृहस्पति के गोचर के दौरान वृश्चिक राशि वाले धन के मामले में सतर्क रहें। इस समय खर्चा आय से अधिक हो सकता है। कहीं भी निवेश से पहले वरिष्ठ और जानकारों की राय अवश्य लें, अन्यथा नुक्सान उठाना पड़ सकता है। उचित होगा कि वाद विवाद की स्थिति से दूर रहें। इस दौरान लक्ष्य की पूर्ति के लिए परिश्रम करना होगा। आलस से बचते हुए लाइफस्टाइल को अनुशासित बनाएं।
धनु राशि (Sagittarius)-
देवगुरु बृहस्पति का अस्त होना धनु वालों की रिश्तेदारी को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान अहंकार से बचते हुए वाणी पर नियंत्रण रखें, अन्यथा मित्र भी शत्रु बन सकते हैं।
पराक्रम में कमी के बीच धन की बचत का प्रयास करना होगा। भविष्य को ध्यान में रखकर निवेश करने के अलावा पुराना रोग को लेकर गंभीर रहना होगा।
मकर राशि (Capricorn)-
देवगुरु बृहस्पति के अस्त होने के चलते मकर राशि वालों को सावधान रहना होगा। इस दौरान निंदा रस से बचते हुए संबंधों के मामले में सतर्क रहना होगा। वहीं इस समय मनचाहे परिणाम शिक्षा के क्षेत्र में प्राप्त होते नहीं दिख रहे हैं। तनाव कलह से दूर रहते हुए उचित होगा कि धैर्य के साथ संतान की शिक्षा की और ध्यान दें। धन की हानि के योग के बीच धन का उपयोग सोच समझ करें।
कुंभ राशि (Aquarius)-
देवगुरु बृहस्पति के अस्त होने से कुंभ राशि ही सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। देवगुरु बृहस्पति का आपकी ही राशि में अस्त होना आपके लिए दिक्कत और परेशानी का कारण बन सकता है। बॉस के साथ मतभेद की संभावना के बीच ऑफिस या कार्यस्थल पर अपने स्वभाव में नियंत्रण रखें। इस समय लक्ष्य की प्राप्ति में बाधा और चुनौतियां सामने आ सकती हैं। अपने परिश्रम पर भरोसा रखते हुए गलत कार्यों को करने से बचें।