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Jyeshtha Month Ekadashi 2026: ज्येष्ठ मास में 4 एकादशी व्रत का दुर्लभ महासंयोग, जानें सभी एकादशी की डेट और पारण समय

Jyeshtha Ekadashi 2026: मान्यता है कि एकादशी व्रत रखने से पापों का नाश होता है, जीवन में सुख-समृद्धि आती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं ज्येष्ठ मास 2026 की चारों एकादशी की सही तिथियां और पारण समय।

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May 10, 2026
Ekadashi Vrat Calendar 2026|Chatgpt

Jyeshtha Month Ekadashi 2026: सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन ज्येष्ठ मास 2026 इस बार और भी अधिक खास रहने वाला है। इस वर्ष अधिकमास के कारण भक्तों को एक ही मास में चार पवित्र एकादशी व्रत करने का अवसर मिलेगा। अपरा एकादशी, पद्मिनी एकादशी, परमा एकादशी और निर्जला एकादशीइन सभी व्रतों का धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्व बताया गया है। मान्यता है कि श्रद्धा, नियम और भक्ति के साथ एकादशी व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का आगमन होता है। खासतौर पर निर्जला एकादशी को सबसे कठिन और पुण्यदायी व्रत माना जाता है। ऐसे में भक्तों के लिए सही तिथि और पारण समय जानना बेहद जरूरी है।

अपरा एकादशी 2026 (Apara Ekadashi 2026 Kab Hai)

ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली अपरा एकादशी का व्रत विशेष पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति तथा शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

  • एकादशी तिथि प्रारंभ: 12 मई 2026, दोपहर 02:52 बजे
  • तिथि समाप्त: 13 मई 2026, दोपहर 01:30 बजे
  • व्रत तिथि: 13 मई 2026, बुधवार

अपरा एकादशी पारण समय

14 मई 2026 को सुबह 06:04 बजे से 08:41 बजे तक पारण करना शुभ रहेगा।

पद्मिनी एकादशी 2026 (Padmini Ekadashi 2026 Kab Hai)

अधिकमास में पड़ने वाली पद्मिनी एकादशी का सनातन धर्म में विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

  • तिथि प्रारंभ: 26 मई 2026, रात 10:24 बजे
  • तिथि समाप्त: 27 मई 2026, रात 12:44 बजे
  • व्रत रखा जाएगा: 27 मई 2026, बुधवार

पद्मिनी एकादशी पारण समय

28 मई 2026 को सुबह 05:25 बजे से 08:08 बजे तक पारण करना शुभ माना गया है।

परमा एकादशी 2026 (Padmini Ekadashi 2026 Kab Hai)

अधिकमास के शुक्ल पक्ष में आने वाली परमा एकादशी को अत्यंत फलदायी और कल्याणकारी माना गया है। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा से करने पर व्यक्ति को मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद मिलता है।

  • व्रत तिथि: 11 जून 2026, गुरुवार
  • पारण: 12 जून 2026 को किया जाएगा।

निर्जला एकादशी 2026 (Nirjala Ekadashi 2026 Kab Hai)

निर्जला एकादशी को सभी एकादशियों में सबसे महत्वपूर्ण और कठिन व्रत माना जाता है। इस दिन बिना जल ग्रहण किए उपवास रखने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि इस एक व्रत का पुण्य वर्षभर की सभी एकादशियों के समान फल प्रदान करता है।

  • तिथि प्रारंभ: 24 जून 2026, शाम 06:12 बजे
  • तिथि समाप्त: 25 जून 2026, रात 08:09 बजे
  • व्रत तिथि: 25 जून 2026, गुरुवार

निर्जला एकादशी पारण समय (Nirjala Ekadashi Vrat Parana Time)

26 जून 2026 को सुबह 05:25 बजे से 08:13 बजे तक पारण करना शुभ रहेगा।

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Published on:
10 May 2026 11:06 am
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