
Mars Transit 2026 Effects: मंगल ग्रह 16 जून 2026 तक मंगल मेष राशि में गोचर करेंगे। इसके बाद 21 जून से शुक्र की राशि वृषभ में प्रवेश करने जा रहा है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार इस गोचर का असर रिश्तों, वैवाहिक जीवन, मानसिक ऊर्जा और खर्चों पर दिखाई देगा। खासतौर पर तुला, धनु, कुंभ और मीन राशि के जातकों को इस दौरान जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है। ज्योतिर्विद राजेंद्र मुंजाल से जानिए इसका ज्योतिषीय प्रभाव और बचाव के उपाय।
जिन्हें ज्योतिष की समझ है, वो जानते हैं कि मंगल हमारी भीतर की ताकत, हिम्मत, फैसले की रफ्तार और गुस्से को दर्शाता है। वहीं शुक्र का रिश्ता आपसी रिश्तों, आकर्षण, कला और भौतिक सुख-सुविधाओं से है। ऐसे में जब आग का तेज पानी की शीतलता से टकराएगा, तो इंसानी जिंदगी की प्राथमिकताएं और भावनाएं बिल्कुल नई दिशा लेंगी। लोगों में जोश बढ़ेगा, जल्दी-जल्दी फैसले लेने का मन करेगा, और ऐसी बेसब्र सोच में फंसने से बचना भी जरूरी होगा। वरना छोटी-छोटी बातों में उलझना आसान है।
अब बात करते हैं प्यार की। इस दौर में रिश्ते या तो नई ऊंचाई छू सकते हैं। अचानक ही रोमांस गहरा जाएगा, या फिर भावनाएं ऊपर-नीचे होंगी। जिनकी जिंदगी में प्यार की कमी थी, वे शायद अब किसी खास से मिलें, वहीं जिनके रिश्ते पहले से चल रहे हैं, उन्हें सतर्क रहना होगा। अहंकार की टक्कर या छोटी गलतफहमियां रिश्ते में फासला ला सकती हैं। ऐसे वक्त में जुबान को काबू में ही रखना भला है। बहुत-सी परेशानियां अपने आप छंट जाएंगी।
फिजिकल और मेंटल हेल्थ की बात करें तो इस गोचर से शरीर और दिमाग में नई ऊर्जा आएगी। आप खुद को खूब एक्टिव महसूस करेंगे, लेकिन ये जोश बेवजह जगह खर्च किया तो सिरदर्द, चिढ़चिढ़ापन या गुस्से के झटके दे सकता है। जल्दबाजी में चोट लगने की आशंका बढ़ सकती है, और अगर कंट्रोल खोया तो बर्नआउट तक हो सकता है। तो, अगर सेहत दुरुस्त रखनी है तो लाइफ में थोड़ा डिसिप्लिन जरूर बनाए रखें। यही फायदेमंद रहेगा।
मंगलदेव सबसे पहले तुला राशि वालों के सप्तम भाव को जागृत करेंगे, जिससे जीवनसाथी और व्यापारिक साझेदारों के साथ बातचीत में स्पष्टता रखना बेहद जरूरी हो जाएगा। इसके बाद, 21 जून को मंगल का प्रवेश आपके अष्टम भाव में होगा। यह समय आपके दीर्घकालिक निवेशों, गुप्त धन और बड़े वादों को बहुत संभालकर आगे बढ़ाने का है।
उपाय: कोई भी लीगल पेपर साइन करने से पहले अच्छे से जान लें और अनावश्यक विवादों से जितना हो सके दूर रहें।
शुरुआत में मंगल पंचम भाव में रहेंगे, जिससे पढ़ाई-लिखाई, आर्ट वगैरह में जबरदस्त ग्रोथ होगी। 21 जून के बाद मंगल छठे भाव में जाएंगे यानी ऑफिस वर्क या बिजनेस में नई जिम्मेदारियां और दबाव बढ़ेगा, लेकिन अगर आपने समय का सही इस्तेमाल किया तो सफलता दूर नहीं।
उपाय: लाइफ में रोज़मर्रा अनुशासन लाएं, योग करें, बेवजह अनावश्यक तनाव से बचें।
मंगल पहले आपके तीसरे भाव में हैं भाई-बहनों से रिश्ते, दिमाग की ताकत और संवाद में सुधार होगा। फिर 21 जून से चौथे भाव में होंगे घर-परिवार, मां की सेहत, सुख-सुविधाएं प्राथमिकता बनेंगी।
उपाय: घर में कड़वी बातें न बोलें और शांति के लिए मेडिटेशन ट्राई करें।
शुरुआत में मंगल दूसरे भाव में रहेंगे, यानी पैतृक संपत्ति, परिवार, फाइनेंस पर फोकस बढ़ेगा। फिर अगले चरण में सोशल नेटवर्क, कम्युनिकेशन और अटके हुए काम पूरे करने में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं
उपाय: कोई बड़ा फाइनेंशियल फैसला करने से पहले पूरा खाका बना लें, जल्दबाजी में न रहें।
वैदिक ज्योतिष के सिद्धांतों के अनुसार, मंगल और शुक्र का यह संबंध काम (इच्छा) और अर्थ (भौतिकता) के बीच संतुलन बनाने की परीक्षा लेता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ऐसे गोचर के दौरान लोग विलासिता और सौंदर्य से जुड़ी चीजों की ओर अधिक आकर्षित हो सकते हैं।
ज्योतिर्विद राजेंद्र मुंजाल के अनुसार, प्रत्येक मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करना और शुक्रवार के दिन जरूरतमंदों को सफेद वस्तुएं (जैसे चावल, दूध या चीनी) का दान करना बेहद कल्याणकारी माना गया है। इससे मंगल की उग्रता शांत होती है और शुक्र की शुभता का लाभ मिलता है।