धर्म और अध्यात्म

मासिक शिवरात्रि 2026 कैलेंडर: सभी तिथियां, सही मुहूर्त और निशिता काल पूजा समय

Masik Shivratri 2026 Calendar: जानिए पूरे साल की मासिक शिवरात्रि की तिथियां, महाशिवरात्रि 2026 की तारीख, निशिता काल, सही पूजा मुहूर्त और व्रत विधि।

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Jan 06, 2026
Masik Shivratri 2026 Calendar : मासिक शिवरात्रि 2026 कैलेंडर (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)

Masik Shivratri 2026 Calendar : हिंदू परंपरा में, शिवरात्रि सिर्फ़ कैलेंडर की एक तारीख नहीं है। यह शिव और शक्ति के मिलन का एक शक्तिशाली उत्सव है। हर महीने, कृष्ण पक्ष के 14वें दिन - चंद्रमा के अंधेरे पक्ष में - भक्त शिवरात्रि का व्रत रखते हैं। लोगों का मानना ​​है कि यह व्रत जीवन की बाधाओं को दूर करने में मदद करता है और उन्हें उनकी आध्यात्मिक यात्रा में आगे बढ़ाता है। अगर आप शास्त्रों का पालन करते हैं, तो पूरे साल यह व्रत रखने से भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद मिलता है। इसलिए, 2026 में सभी शिवरात्रि की तारीखों और पूजा के सही समय की सूची भक्तों के लिए बहुत मायने रखती है।

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मासिक शिवरात्रि इतनी महत्वपूर्ण क्यों है

मासिक शिवरात्रि पूरी तरह से भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन, भक्त शिव और पार्वती दोनों की पूजा करते हैं, इस उम्मीद में कि उनकी प्रार्थनाएं पूरी होंगी। लोग कहते हैं कि अगर आप रात भर जागकर निशिता काल (जो आधी रात के आसपास होता है) में शिव पूजा करते हैं, तो यह पापों को धो देता है। अविवाहित महिलाएं अक्सर अच्छा पति पाने के लिए यह व्रत रखती हैं, जबकि विवाहित महिलाएं घर में सुख और शांति के लिए प्रार्थना करती हैं।

महाशिवरात्रि: 2026 की बड़ी रात

2026 में महाशिवरात्रि फाल्गुन महीने की कृष्ण चतुर्दशी को पड़ती है। अब, कुछ कैलेंडर महीने के लिए अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आप किसी भी कैलेंडर का पालन करें, तारीख वही रहती है। पुरानी कहानियों के अनुसार, भगवान शिव ने इसी रात लिंगम के रूप में खुद को प्रकट किया था, जिससे यह शिव के भक्तों के लिए और भी खास हो जाता है। यहां 2026 के लिए मासिक शिवरात्रि की तारीखों की पूरी लिस्ट दी गई है:

मासिक शिवरात्रि कैलेंडर 2026

इन सभी तारीखों पर, आधी रात (निशिता काल) को शिव पूजा के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।

शिवरात्रि का व्रत और पूजा कैसे करें

अपने दिन की शुरुआत नहाकर करें और व्रत रखने का संकल्प लें। ज़्यादातर लोग शाम तक सिर्फ़ फल खाते हैं या कुछ भी नहीं खाते। शाम होने पर, वे शिव की पूजा करते हैं, शिवलिंग पर जल, दूध, बेल पत्र और धतूरा चढ़ाते हैं। देर रात तक जागकर आधी रात को विशेष पूजा करने से व्रत का पूरा फल मिलता है।

लोग मासिक शिवरात्रि का व्रत क्यों रखते हैं

लोगों का मानना ​​है कि यह व्रत सबसे मुश्किल इच्छाओं को भी पूरा करता है। शिव—भोलेनाथ—अपनी दयालुता के लिए जाने जाते हैं और दिल से की गई प्रार्थनाओं का जल्दी जवाब देते हैं। यह व्रत रखने से मन को शांति, घर में खुशी और सच्ची आध्यात्मिक शक्ति मिलती है।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।


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Published on:
06 Jan 2026 12:36 pm
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