Premananad ji Maharaj on Husband Wife Relationship: प्रेमानंद जी महाराज ने बता दिया 7 जन्मों तक वही लाइफ पार्टनर पाने का आसान तरीका। बस आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा।
Premanand ji Mahraj Latest Pravachan on Husband Wife Relationship: सनातन धर्म में विवाह को सामाजिक समझौता नहीं बल्कि पवित्र आध्यात्मिक संबंध माना जाता है। हिंदू धर्म के 16 संस्कारों में से एक, विवाह को सात जन्मों का साथ कहते हैं।
लेकिन अक्सर लोगों के मन में ये सवाल आता है कि क्या सच में विवाह के बाद सात जन्मों तक वही पति-पत्नी मिलते हैं? प्रेमानंद जी महाराज ने इस इस पर गहरा रहस्य उजागर किया है।
एक महिला भक्त ने प्रेमानंद महाराज जी से पूछा, क्या वाकई मुमकिन है कि हर जन्म में वही पति मिले? महाराज जी साफ किया कि सामान्य तौर पर पति-पत्नी का पुनर्मिलन उनके प्रारब्ध और व्यक्तिगत कर्मों पर निर्भर करता है। यह जरूरी नहीं कि जो इस जन्म में जीवनसाथी हैं, वे अगले जन्म में भी उसी रूप में मिलें।
प्रेमानंद जी (Premanand ji Maharaj) बताते हैं, केवल भावनाओं से प्रारब्ध यानी पिछले जन्मों के कर्मों का फल नहीं बदल जाता। यदि कोई स्त्री या पुरुष पूरी निष्ठा से भगवान की भक्ति करे और ईश्वर से पूर्ण समर्पण के साथ यह वरदान मांगे, तो से सात जन्मों तक वही जीवनसाथी मिल सकता है। यानी, ईश्वर की इच्छा और आपकी साधना इस संयोग को संभव बना सकती है। प्रभु की कृपा से ही यह संभव होता है। आपके चाहने से नहीं। इसलिए भक्ति और कर्मों की पवित्रता बनाए रखनी चाहिए।
अपनी बात की पुष्टि करने के लिए महाराज जी ने एक मार्मिक कहानी सुनाई। महाराज श्री कहते हैं, एक व्यक्ति अपनी पत्नी से अगाध प्रेम करता था, लेकिन उसने भक्ति मार्ग नहीं चुना। जबकि उसकी पत्नी परम भक्त थी। मृत्यु के बाद, पत्नी अपने पुण्यों से अगले जन्म में राजकुमारी बनी, लेकिन पति अपने कर्मों के कारण हाथी की योनि में चला गया। फिर, पत्नी की कठिन तपस्या और प्रार्थना के फलस्वरूप, उस हाथी को पशु योनि से मुक्ति मिली और अगले जन्म में दोनों का पुनर्मिलन हो पाया।
महाराज जी कहना चाहते हैं कि रिश्तों की डोर कर्मों से बंधी है, लेकिन भगवान की भक्ति और सच्चा संकल्प असंभव को भी संभव बना देता है। महाराज श्री कहते हैं, हर जन्म में एक ही पति मिलना कर्मों के साथ भगवान की कृपा और सच्ची भक्ति पर भी निर्भर करता है। उन्होंने हाथी और राजकुमारी की कथा सुनाकर समझाया कि कैसे तपस्या और प्रभु भक्ति से अगले जन्मों में भी अपना मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।