Raj Panchak Kab se Kab Tak : 16 मार्च 2026 से शुरू हो रहा राज पंचक बेहद खास माना जा रहा है। जानें पंचक का सही समय, कौन से 5 काम करने से मिलेगा फायदा और किन गलतियों से बचना जरूरी है।
Raj Panchak 2026 Date: पंचक का नाम सुनते ही लोग अक्सर परेशान हो जाते हैं, शुभ काम टाल देते हैं और मन में डर बैठ जाता है। हर पंचक अशुभ नहीं होता… 2026 का यह राज पंचक कई लोगों के लिए तरक्की और सफलता के नए मौके लेकर आ सकता है।। इस बार, 16 मार्च 2026, सोमवार से जो पंचक शुरू हो रहा है, उसे राज पंचक कहा जाता है और ये पंचक वाकई खास है।
अगर आप कोई बड़ी शुरुआत करने का मन बना रहे हैं तो ये वक्त आपके लिए शानदार हो सकता है। चलिए जानते हैं, इस राज पंचक का असली मतलब और कौन से वो 5 काम हैं जिनमें आपको जबरदस्त फायदा होगा।
हिंदू पंचांग के हिसाब से जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र में होता है, उस समय को पंचक कहते हैं।
शुरुआत: 16 मार्च 2026, सोमवार, शाम 6:14 बजे से
खत्म: 20 मार्च 2026, शुक्रवार, रात 2:28 बजे
इस बार पंचक सोमवार से शुरू हो रहा है, और इसे ही शास्त्रों में राज पंचक का नाम मिला है।
राज पंचक: डरने की नहीं, आगे बढ़ने की घड़ी
कहते हैं इस दौरान किए गए कामों में राजसुख जैसी कामयाबी मिलती है। ये पांच काम बेखौफ करके देखिए
भले ही ये राज पंचक है, लेकिन कुछ नियम पुराने ही रहेंगे। इन बातों का ध्यान जरूर रखें—
ज्योतिषाचार्य मानते हैं कि इस साल पंचक इसलिए भी असरदार है क्योंकि ग्रहों की स्थिति एकदम संतुलित है। सोमवार को चंद्रमा का खास कनेक्शन रहता है और ये मन का कारक है। ऐसे में साफ दिमाग और ठंडे मन से लिया गया फैसला दूर तक आपको फायदा देगा।
और हां, अगर कोई बड़ा काम करना जरूरी हो भी और मन में थोड़ी घबराहट है, तो गायत्री मंत्र या हनुमान चालीसा का पाठ करके शुरुआत करें। इससे आप खुद को भी दिमागी तौर पर मजबूत महसूस करेंगे।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।