Mahalaya Amavasya 2025: हिंदू पंचांग में महालया अमावस्या का दिन अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है। इस दिन खास समय पर तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।
Mahalaya Amavasya 2025: हिंदू पंचांग में महालया अमावस्या का दिन अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है। यह दिन पितृ पक्ष के समापन और शारदीय नवरात्रि के आरंभ का प्रतीक है। मान्यता है कि इस तिथि को जहां एक ओर पितरों को तर्पण और पिंडदान देकर विदा किया जाता है, वहीं दूसरी ओर मां दुर्गा धरती पर अपने भक्तों के कल्याण के लिए आगमन करती हैं। महालया अमावस्या में पितृकों को विदा करने का अंतिम दिन होता है। इस दिन खास समय पर तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। जानिए शुभ समय और महालया अमावस्या का महत्व।
साल 2025 में महालया अमावस्या 21 सितंबर, रविवार की रात 12:16 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर, सोमवार की सुबह 1:23 बजे तक रहेगी। इसी के साथ अगले दिन यानी 22 सितंबर से शारदीय नवरात्र का शुभारंभ होगा।