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प्रेमानंद जी ने बताया गंदे विचारों को रोकने का तरीका, कभी नहीं आएंगे बुरे ख्याल!

Premanand Ji Maharaj: मन में गलत या गंदे विचारों का आना लगभग हर किसी की समस्या है। सभी चाहते हैं कि, इनसे मुक्ति मिले। इस आर्टिकल में प्रेमानंद जी महाराज से समझिए, गंदे और गलत विचारों से छुटकारा पाने के तरीके।

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भारत

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Adarsh Thakur

Dec 31, 2025

Premanand Ji Mahraj Latest Pravahan

Premanand Ji Mahraj Latest Pravahan: प्रेमानंद जी ने बताया, नेगेटिव विचारों से मुक्ति कैसे पाएं? (फोटोः भजन मार्ग)

Premanand Ji Maharaj Latest Pravachan: संत प्रेमानंद जी महाराज ने गंदे विचारों से मुक्ति पाने के आसान तरीके बताए हैं। गलत विचारों से निपटने के लिए, उन्होंने साक्षी भाव रखने की बात कही है। इस आर्टिकल में प्रेमानंद जी से समझिए, गंदे और गलत विचारों से छुटकारा पाने के लिए क्या करना चाहिए।

नाम जप | Chanting

बुरे विचारों से मुक्ति पाने का रामबाण उपाय है नामजप। जब भी मन में गंदे विचार आए, तब अपने इष्ट या किसी भी भगवान के नाम का जप करना शुरु कर दें। आप पाएंगे कि, आपके बुरे विचार गायब हो गए और अच्छे विचार आने लगे।

'साक्षी भाव' रखें | Maintain a 'Witness Attitude'

कहा जाता है कि, खाली दिमाग शैतान का घर। यदि आप जुबान से लगातार राधा-राधा या इष्ट का नाम लेते रहेेंगे, तो गलत विचार आएंगे ही नहीं। आएंगे भी तो ठहर नहीं पाएंगे। चाहे किसी भी काम में लगे हों, हर वक्त नाम का स्मरण करते रहें। धीरे-धीरे यह आपकी आदत बन जाएगा और फिर बिना कोशिश के भी आप नाम लेते रहेंगे। साक्षी भाव का अर्थ है, खुद के विचारों को देखना। न तो उन के बारे में अच्छा सोचना है, न ही बुरा। केवल मन को देखना है कि, किस तरह के विचार उठ रहे हैं। आप पाएंगे कि विचार धीरे-धीरे गायब होने लगे। डिलीट हो गए।

जो देखोगे, वही सोचोगे! | Seeing = Thoughts!

महाराज श्री कहते हैं कि, हम जो देखते और सुनते हैं, वही हमारो विचारों की जगह ले लेता है। यदि आप अश्लील या नेगेटिव चीजें देखते-सुनते हैं तो, वैसे ही विचारों से घिरे रहेंगे। ऐसे में ऐसे कंटेंट से बचें। डेली कम से कम आधा-एक घंटा संतों के विचार, अच्छी बातें सुनें और पढ़ें। ऐसा करने से आपका माइंड केवल पॉजिटिव विचारों को सोचेगा।

सही अन्न, शुद्ध मन | Right Food, Pure Mind

लोकोक्ति है कि, जैसा खाए अन्न, वैसा होए मन। प्रेमानंद जी के अनुसार, तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, अधिक तीखा, प्याज-लहसुन) मन में काम और क्रोध को जन्म देते हैं। इसलिए केवल सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए। इससे मन शांत, शीतल और पवित्र होता है। साथ ही परमात्मा में भी लगता है।

प्रार्थना करें | Prayer

यदि आप नेगेटिव विचारों को रोक पाने में नाकामयाब हो रहे हैं, तो भगवान से पार्थना कीजिए। उन्हें प्रेम से कहिए, हे भगवन, मैं आपका हूं, ये विचार मुझे परेशान कर रहे हैं, कृपया मुझ पर कृपा कीजिए। महाराज जी शरणागति की ताकत को बताते हुए कहते हैं, खुदकी हार स्वीकार कर भगवान को बुलाने पर, वो आपकी बुद्धि को शुद्ध कर देते हैं।

ध्यान | Meditation

ध्यान एक शक्तिशाली माध्यम है, विचारों को शुद्ध करने का। ध्यान की अवस्था आपको मानसिक मौन की ओर ले जाती है और आप धीरे-धीरे विचार शून्य महसूस करने लगते हैं।