धर्म और अध्यात्म

Skanda Shashti 2026 : भगवान कार्तिकेय की कृपा पाने के लिए 22 अप्रैल को रखें स्कन्द षष्ठी व्रत, नोट करें पूजा विधि

Skand Shashthi April 2026: 22 अप्रैल 2026 को स्कंद षष्ठी व्रत रखें और जानें भगवान कार्तिकेय की पूजा विधि, मंत्र और व्रत का महत्व। संतान सुख, सफलता और मंगल दोष से राहत पाने का खास दिन।

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Apr 21, 2026
Skanda Shashti 2026 : स्कंद षष्ठी 2026: संतान सुख और सफलता के लिए जरूर करें ये व्रत (फोटो सोर्स: AI@Gemini)

Skanda Shashti 2026 : यह व्रत पूरी तरह से भगवान कार्तिकेय के लिए है जिन्हें कभी-कभी स्कंद, मुरुगन या सुब्रह्मण्य भी कहा जाता है। लोग खासकर दक्षिण भारत में इसे बहुत श्रद्धा से मनाते हैं। कई लोगों का मानना ​​है कि यह व्रत परिवारों में शांति, खुशी और सौभाग्य लाता है। अगर आप बच्चे चाहते हैं या चाहते हैं कि आपके बच्चों की जिंदगी बेहतर हो, तो कहा जाता है कि स्कंद षष्ठी चमत्कार करती है।

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स्कन्द षष्ठी व्रत : पूजा ऐसे होती है

सुबह जल्दी उठें, नहाएं और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद किसी साफ जगह से थोड़ी मिट्टी लें और उसका एक गोला बनाएं। ऐसा करते समय, 16 बार बम का जाप करें। शास्त्रों के अनुसार, बम अमृत है। माना जाता है कि इससे मिट्टी पवित्र हो जाती है।

अब, इस मिट्टी से भगवान कार्तिकेय की एक मूर्ति बनाएं और “ॐ ऐं हम क्षुं क्लीं कुमाराय नमः” बोलें। मूर्ति बन जाने के बाद, भगवान का आह्वान करें और कहें, “ॐ नमः पिनाकाइन इहागच्छ इहातिष्ठ।” इसके बाद, उनके पैरों और दूसरी खूबियों की पूजा करें।

मूर्ति को “ॐ नमः पशुपतये” बोलते हुए नहलाएं। नहलाने के बाद, “ॐ नमः शिवाय” के साथ खुशबू, फूल, धूप, दीया और नैवेद्य चढ़ाएं। पूजा हो जाने के बाद, मूर्ति को आदर के साथ पानी में विसर्जित कर दें।

स्कंद षष्ठी 2026 (Skanda Shashthi 2026 Date & Time)

विवरण (Details)तिथि और समय (Date & Time)
पर्व का नामस्कंद षष्ठी (Skanda Shashthi)
दिन (Day)बुधवार (Wednesday)
तिथि (Date)22 अप्रैल 2026
प्रारम्भ समय01:19 AM, 22 अप्रैल 2026
समाप्त समय10:49 PM, 22 अप्रैल 2026

यह सब क्यों करें?

माना जाता है कि इस दिन कुमार कार्तिकेय की पूजा करने और व्रत रखने से राजा जैसी खुशी और पद मिलता है। कुछ लोग कहते हैं कि आपको काम में अच्छी किस्मत और सफलता मिलेगी। अगर आप बच्चे की कामना करते हैं, तो यह व्रत मदद करता है। और अगर आपके पहले से बच्चे हैं, तो उनकी ज़िंदगी ज़्यादा खुशहाल और खुशहाल हो जाती है। साथ ही, यह व्रत रखने से आपकी कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत होता है। 22 अप्रैल को स्कंद षष्ठी मनाएं और रस्में निभाएं। यह भक्तों के लिए एक बड़ा दिन है।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

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Published on:
21 Apr 2026 01:43 pm
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