धर्म और अध्यात्म

सूर्य देव के 7 घोड़ों जैसी मिलेगी शक्ति, कर लें ये आसान काम

Surya ke Ghodo Jaisa kaise Banein: सूर्य देव के 6 घोड़े अद्भुत शक्तियों को दर्शाते हैं। सूर्य देव के कुछ आसान से उपाय कर आप भी उनके जैसी अलौकिक ताकत पा सकते हैं।

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Jan 11, 2026
Surya Dev Upay: सूर्य देव के घोड़ों के नाम और प्रतीक। (PC:AI)

Surya Dev 7 Horses Name and Meaning: सूर्य देव के सात घोड़े सात अलग-अलग संस्कृत छंदों गायत्री, बृहती, उष्णिह, जगती, त्रिष्टुप, अनुष्टुप और पंक्ति के नाम पर हैं। ये केवल पशु नहीं बल्कि ब्रह्मांडीय सिद्धांतों के वाहक हैं। इनकी कृपा पाने के कुछ आसान उपाय हैं। यदि उन्हें फॉलो कर लिया जाए, तो सूर्य भगवान के साथ उनके घोड़ों की भी शक्ति मिलने की मान्यता है।

गायत्री (बैंगनी रंग)

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  • अनुशासन और धर्मपरायणता का प्रतीक

पंक्ति (भूरा रंग)

  • स्वरूप और प्रकृति में नेतृत्व का प्रतीक

भृति (नीला रंग)

  • गति और शक्ति का प्रतीक

अनुष्टुप (भूरा रंग)

  • बुद्धि और समझ का प्रतीक

उष्णिह (काला रंग)

  • शक्ति और साहस का प्रतीक

जगती (हरा रंग)

  • व्यवस्था और वीरता का प्रतीक

त्रिष्टुप (सुनहरा रंग)

  • ज्ञान और शिक्षा का प्रतीक

सूर्य देव के घोड़े क्या सिखाते हैं?

  • अनुशासन और बुद्धि: गायत्री और अनुष्टुप अश्व सिखाते हैं, बिना अनुशासन और तीव्र बुद्धि के जीवन की दिशा तय नहीं होती।
  • साहस और शक्ति: उष्णिह और जगती जैसे अश्व शक्ति और वीरता के प्रतीक हैं। सूर्य कृपा पाने के लिए व्यक्ति को अपने भीतर के डर का त्याग कर साहस को अपनाना चाहिए।
  • ज्ञान का प्रकाश: त्रिष्टुप अश्व स्वर्ण रंग का है जो विशुद्ध ज्ञान और शिक्षा का प्रतीक है।

सूर्य देव की कृपा कैसे पाएं? | Surya Blessings Remedies

शास्त्रों के अनुसार सूर्य जैसी चमक और ऊर्जा प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को इन सात घोड़ों के समान अपने जीवन में गुणों को ढालना चाहिए।

  1. समय की पाबंदी: जिस तरह सूर्य का रथ कभी रुकता नहीं, वैसे ही समय का सदुपयोग करने वालों पर सूर्य देव सदैव प्रसन्न रहते हैं।
  2. आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ: यदि आप इन घोड़ों जैसी गति और मानसिक शक्ति चाहते हैं, तो प्रतिदिन सुबह के समय आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
  3. अर्घ्य दान: तांबे के पात्र से सूर्य भगवान को जल अर्पित करना व्यक्ति के भीतर नेतृत्व क्षमता विकसित करता है। यह पंक्ति घोड़े का गुण है।

भगवान सूर्य की उपासना से शारीरिक रोगों का नाश तो होता ही है, साथ ही व्यक्ति का आत्मविश्वास और आत्मिक तेज भी बढ़ता है। यदि हम इन सात अश्वों के गुणों, ज्ञान, साहस, अनुशासन और गति को अपने जीवन में उतार लें, तो सूर्य कृपा से हम भी समाज में सूरज की भांति चमक सकते हैं।

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Updated on:
11 Jan 2026 03:38 pm
Published on:
11 Jan 2026 02:48 pm
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