
Diwali 2026 Calendar : दिवाली का महापर्व अब बिल्कुल समीप है। धनतेरस से इसकी शुरुआत हो जाएगी। दिवाली के पर्व को लेकर बाजारों में रौनक छा गई है, लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार दीपोत्सव के अंतर्गत 5 प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं।
धन तेरस:
शाम को घरों की देहरियों, प्रतिष्ठानों में दीपमालाएं सजाई जाएंगी, धन और कोष के देवता कुबेर, आरोग्य के देवता धनवंतरि और कोष की पूजा अर्चना होगी।
कब है- 6 नवंबर शुक्रवार
रूप चौदस-
इसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। छोटी दिवाली के रूप में यह पर्व मनाया जाता है। इस मौके पर सौंदर्य निखारने के लिए लोग उबटन से स्नान करेंगे। पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि इस दिन घर के मुख्य द्वार के पास गेंहू की ढेरी पर चौमुखा दीपक जलाकर करना चाहिए। इससे आयुष्य, आरोग्य मिलता है।
कब है: 7 नवंबर शनिवार
सनातन धर्म का सबसे मुख्य त्योहार है। इस दिन मुख्य रूप से धन की देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। घरों में दीपमालाएं सजाई जाएंगी। रंग बिरंगी रोशनी से साज सज्जा होगी। लोग एक दूसरे को बधाई देंगे।
कब है: 8 नवंबर रविवार को
गोवर्धन पूजा
इस मौके पर आंगन में लोग गोबर से गोवर्धन की आकृति बनाकर पूजा अर्चना करेंगे। मंदिरों में अन्नकूट महोत्सव होंगे। भगवान को छप्पन व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा और प्रसाद वितरण होगा। अनेक स्थानों पर सामूहिक पूजा अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
कब है: 10 नवंबर मंगलवार को
भाईदूज -
इस मौके पर बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर सुख समृद्धि का आशीर्वाद देगी। कायस्थ समाज की ओर से इस दिन यम द्वितीया पर्व मनाया जाएगा। इस मौके पर भगवान चित्रगुप्त, कलम दवात की पूजा होगी।
कब है: 11 नवंबर बुधवार को
2026 की दिवाली इसलिए भी खास हो गई है क्योंकि इसबार महापर्व के दौरान सोमवती अमावस्या का संयोग बन रहा है। 8 नवंबर के साथ ही 9 नवंबर को भी अमावस्था तिथि। सोमवार का दिन होने से यह सोमवती अमावस्या रहेगी। कार्तिक माह में आने से इसका महत्व बढ़ गया है। कई श्रद्धालु तीर्थ स्थलों पर स्नान करने पहुंचेंगे। दिवाली की पड़वा होने के कारण कई लोग इस दिन गोवर्धन पूजा का आयोजन भी करेंगे, हालांकि ज्यादातर स्थानों पर सामूहिक कार्यक्रम अगले दिन ही होंगे।