
नागपंचमी से ठीक पहले यानि आज रविवार 20 अगस्त की रात 12 बजे महाकाल मंदिर के शीर्ष पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलेंगे। वहीं उज्जैन के महाकाल मंदिर में नागपंचमी को लेकर तैयारी जारी है। 2 बजे महाकाल मंदिर के शीर्ष पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलने के पश्चात पूजा-अर्चना के साथ नागचन्द्रेश्वर महादेव के लगातार 24 घंटे दर्शन होंगे। मंदिर के पट सोमवार की रात्रि 12 बजे बंद होंगे। नागपंचमी पर्व पर भगवान श्री नागचन्द्रेश्वर की त्रिकाल पूजा होगी। 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
नागों को भगवान का आभूषण माना
श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर के पट साल में एक बार 24 घंटे सिर्फ नागपंचमी के दिन खुलते हैं। हिंदू धर्म में नाग पूजा करने की परंपरा रही है। नागों को भगवान का आभूषण माना गया है। श्री महाकाल मंदिर के गर्भगृह के ऊपर ओंकारेश्वर मंदिर और उसके भी शीर्ष पर श्री नागचन्द्रेश्वर का मंदिर स्थापित है।
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मंदिर में दर्शन की व्यवस्था ऐसे समझें
मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्त इंदौर, आगर, बडनगर और देवास रोड के पार्किंग स्थल पर अपने वाहन पार्क करेंगे। इसके बाद यहीं से श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर तक लाने के लिए 50 नि:शुल्क बसें चलाई जाएंगी। बसें श्रद्धालुओं को पुनरू पार्किंग स्थल तक छोड़ेंगी। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर परिसर और आसपास 700 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, जिसका कंट्रोल रूम मंदिर परिसर और महाकाल लोक में रहेगा।