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नागपूजा का पर्व नागपंचमी इस बार कई शुभ योगों में मनाया जाएगा

- इसके बाद शुरू होगा त्योहारों का सिलसिला, मंदिरों में होंगे विशेष अनुष्ठान- देवउठनी एकादशी तक हर पखवाड़े पड़ेंगे दो से तीन त्योहार
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Deepesh Tiwari

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Updated: 18 Aug 2023, 10:25 AM IST

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इस समय सावन माह चल रहा है और अधिकमास का समापन हो गया है। अधिकमास के समापन के साथ ही तीज त्योहारों की शुरुआत हो जाएगी। नागपूजा का पर्व नागपंचमी 21 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार नागपंचमी का पर्व कई शुभ योगों से युक्त रहेगा। इस दिन सावन सोमवार के साथ यह पर्व मनाया जाएगा, इसके साथ ही चित्रा नक्षत्र, ब्रह्मयोग सहित अन्य योग विद्यमान रहेंगे। ऐसे में इस दिन नागपूजा करना विशेष फलदायी होगा।

पर्वों की रौनक आएगी
आमतौर पर हरियाली अमावस्या के साथ त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार अधिकमास होने के कारण हरियाली अमावस्या के एक माह बाद नागपंचमी से त्योहारों की शुरुआत होगी।

अब अधिकमास का समापन हो चुका है, ऐसे में 21 अगस्त को नागपंचमी के साथ तीज त्योहारों की शुरुआत हो जाएगी। नागपंचमी के बाद रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेश उत्सव सहित अनेक पर्व आएंगे, यह सिलसिला दिवाली के बाद देवउठनी एकादशी तक जारी रहेगा। इस दौरान पितृपक्ष पखवाड़ा छोड़कर लगातार तीज त्योहारों की रौनक नजर आएगी।

शुक्ल योग का रहेगा संयोग- पं. विष्णु राजौरिया ने बताया कि नागपंचमी के दिन तक्षक पूजा का विधान है। इस दिन पूजा अर्चना करने से सर्पदंश के भय से मुक्ति मिलती है और दीघार्यू की प्राप्ति होती है। इस दिन नागपूजा करने से भगवान भोलेनाथ की भी विशेष कृपा मिलती है। इस बार नागपंचमी के दिन सोमवार के दिन के साथ चित्रा नक्षत्र और शुक्ल योग रहेगा, जो अत्यंत फलदायी होगा।

यह है प्रमुख पर्व-

नागपंचमी - 21 अगस्त
रक्षाबंधन - 30 अगस्त
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी - 07 सितम्बर
हरतालिका तीज - 18 सितम्बर
गणेश उत्सव प्रारंभ - 19 सितम्बर
शारदीय नवरात्र - 15 अक्टूबर
विजयादशमी - 24 अक्टूबर
करवा चौथ - 01 नवम्बर
दिवाली- 12 नवम्बर
देवउठनी एकादशी- 23 नवम्बर

सोमवार के दिन नागपंचमी विशेष फलदायी
ब्रह्म शक्ति ज्योतिष मठ संस्थान के पं. जगदीश शर्मा ने बताया कि इस बार नागपंचमी का पर्व सोमवार के दिन मनाया जाएगा। सोमवार भगवान शिव का प्रिय दिन है, इस दिन नागपंचमी होने से विशेष फल की प्राप्ति होगी। इसके साथ ही कई शुभ योग विद्यमान रहेंगे। यह दिन कालसर्प दोष के निवारण के लिए भी विशेष फलदायी माना गया है। सावन सोमवार, नागपंचमी के साथ शुभ योगों का होना इसे और अधिक फलदायी बनाएगा।

नागमंदिरों में होगी विशेष आराधना
नागपंचमी पर शहर के नाग मंदिरों में विशेष आराधना, पूजा अर्चना की जाएगी। भेल बरखेड़ा अय्यप्पा मंदिर परिसर स्थित नाग मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगेगी। यहां नागदेवता की विशाल प्रतिमा के साथ वासुकी, यक्षी और मनी नाग की प्रतिमा भी विराजमान है। इसी प्रकार अमराई बागसेवनिया स्थित नाग मंदिर में भी नागपंचमी पर विशेष अनुष्ठान होंगे।