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Alwar: करवा चौथ पर चौथ माता मंदिर में उमड़ी भीड़, महिलाओं ने मांगा सौभाग्य का आशीर्वाद

अलवर जिले के सकट कस्बे में करवा चौथ (Karwa Chauth) का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने व्रत रखकर प्राचीन चौथ माता मंदिर में पूजा-अर्चना की और पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य व परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
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अलवर

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Rajendra Banjara

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Updated: 29 Oct 2026, 4:10 PM IST

karwa chauth vrat

सकट चौथ माता मंदिर में करवा चौथ पर उमड़ी भीड़ (फोटो - पत्रिका)

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर गुरुवार को सकट के प्राचीन चौथ माता मंदिर (Chauth Mata Temple) में करवा चौथ व्रत (Karwa Chauth Vrat) के अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं दर्शन करने पहुंचीं। महिलाओं ने माता रानी की प्रतिमा के सामने पूजा-अर्चना कर मत्था टेका और अपने पति की लंबी उम्र व परिवार की खुशहाली की कामना की। सुबह और शाम बारिश जैसा मौसम बना रहने के बावजूद मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।

नए परिधानों में भजन गाते पहुंचीं महिलाएं

करवा चौथ पर महिलाएं समूह बनाकर नए-नए परिधान पहनकर मंदिर पहुंचीं। रास्ते में भजन गाते हुए महिलाओं ने चौथ माता के दर्शन किए। पूरे कस्बे में माता के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर प्रसाद, शृंगार सामग्री, खानपान और घरेलू सामान की दुकानें सजी रहीं। श्रद्धालुओं की आवाजाही से दिनभर मेले जैसा माहौल बना रहा।

माता की कहानी सुनकर मांगा आशीर्वाद

मंदिर के पुजारी हितेश पाराशर ने बताया कि महिलाओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद आसपास उपलब्ध जगहों पर समूह में बैठकर करवा चौथ की कहानी सुनी। इसके बाद सूर्य देव को जल चढ़ाया और बुजुर्ग महिलाओं के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। महिलाओं ने चौथ माता से अखंड सौभाग्य (Marital Bliss), सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की मनौती मांगी। कई महिलाओं ने खांड से बने करवे अपने से बड़ी महिलाओं को भेंट किए।

चांद देखकर खोलेगीं व्रत

करवा चौथ पर महिलाओं ने दिनभर व्रत रखा। देर रात चंद्रमा के दर्शन होने पर महिलाओं की ओर से चांद को जल का अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद पति के पैर छूकर आशीर्वाद लेकर व्रत खोलेंगी। घरों में तरह-तरह के पकवान बनाए गए और चौथ माता को भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण किया गया।

दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु

मंदिर में कई महिलाओं ने बैंड-बाजे के साथ माता रानी को पोशाक और शृंगार सामग्री चढ़ाई। वहीं, मनोकामना पूरी होने पर कुछ महिलाओं ने व्रत का उद्यापन किया। दर्शन के लिए आसपास के गांवों के साथ दिल्ली, जयपुर, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, अलवर, दौसा, राजगढ़, बांदीकुई और बसवा सहित कई जगहों से श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए स्वयंसेवकों ने पानी की प्याऊ लगाई और लोगों को ठंडा पानी पिलाया। मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ रही।