
फर्जी अंकतालिकाओं पर लगाम कसने के लिए महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर ने नई पहल शुरू की है। इस नई पहल के तहत अब स्टूडेंट्स की अंकतालिकाओ पर कुलपति के हस्ताक्षर होंगे। इसके अलावा अब सभी विषयों के पूर्णांक भी समान होंगे। अभी तक आमतौर पर अंकतालिकाओं पर केवल परीक्षा नियंत्रक के ही हस्ताक्षर होते हैं, लेकिन अब उस पर कुलपति के भी हस्ताक्षर होंगे।
हस्ताक्षर नहीं देंगे दिखाई
अंकतालिकाओं पर कुलपति के हस्ताक्षर के अलावा इसमें एक और रोचक बात ये भी है कि वो हस्ताक्षर विद्यार्थियों को दिखाई नहीं देंगे। यह पहल इस साल से ही शुरू कर दी गई है। यह प्रदेश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय है जिसकी अंकतालिका पर परीक्षा नियंत्रक के साथ कुलपति के भी हस्ताक्षर होंगे।
फर्जी डिग्री लेने वालों पर कसेगी लगाम
इस बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कई बार छात्र फर्जी अंकतालिका बनाकर डिग्री ले लेते हैं। फर्जी अंकतालिक बनाने से रोकने के लिए ही यह कदम उठाया गया है। कुलपति के हस्ताक्षर अंकतालिका में इस तरह किए हुए होंगे कि इसका पता किसी को भी नहीं चल सकेगा। इसके साथ डिग्रियों पर चिप, विद्यार्थियों की फोटो सहित आठ सुरक्षा मानदंड होंगे।
सभी विषयों के पूर्णांक समान
महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय ने सभी विषयों के पूर्णांक भी समान कर दिए हैं। इससे पहले विज्ञान, कला व वाणिज्य के पूर्णांक अलग—अलग होते थे। अब विश्वविद्यालय ने इन्हें समान करने की पहल की है। यह प्रदेश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय है जिसके सभी विषयों के पूर्णांक समान होंगे। सभी विषयों में स्नातकोत्तर के 900 और स्नातक के 1800 पूर्णांक कर दिए गए हैं।
फर्जी अंकतालिकाओं पर अंकुश लगाने के लिए इस बार प्रत्येक अंकतालिका पर कुलपति के हस्ताक्षर किए गए हैं। यह प्रदेश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय है जहां अंकतालिका पर कुलपति के हस्ताक्षर हैं।
—प्रो. भागीरथसिंह बिजारिणयां, कुलपति, एमजीएसयू, बीकानेर, राजस्थान