सातवां वेतनमान की मांग....
रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से लेकर महाविद्यालयों तक के प्राध्यापकों का पांच जुलाई से 20 जुलाई तक लगातार आंदोलन चला। प्राध्यापकों ने पहले हर रोज एक घंटे का फिर दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर धरना दिया लेकिन सरकार नहीं पिघली। केवल आश्वासन देकर आंदोलन स्थगित करा दिया। प्राध्यापकों की २३ जुलाई को भोपाल के लिए प्रस्तावित न्याय यात्रा एक महीने के लिए स्थगित कर दी गई है।
सातवां वेतनमान की मांग को लेकर आंदोलनरत रहे
विश्वविद्यालय व महाविद्यालय के प्राध्यापक सातवां वेतनमान की मांग को लेकर आंदोलनरत रहे हैं। करीब एक पखवाड़े के आंदोलन के बाद भी सरकार ने उनकी मांग पूरी नहीं करने के बजाए आश्वासन की घुट्टी पिलाकर महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ के राज्यस्तरीय पदाधिकारियों को संतुष्ट कर लिया है। प्राध्यापक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से स्वीकृत सातवें वेतनमान की मांग कर रहे हैं।
प्रस्ताव कैबिनेट में ले जाने का आश्वासन
संघ के स्थानीय पदाधिकारियों की माने तो राज्य स्तरीय पदाधिकारियों को सरकार की ओर से आश्वासन मिला है कि सातवां वेतनमान देने का प्रस्ताव अगली कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। आश्वासन है कि जल्द से जल्द वेतनमान दिए जाने की घोषणा कर दी जाएगी। हालांकि संघ एक महीने तक इंतजार करने के मूड में है। उसके बाद मांग पूरी नहीं हुई तो फिर से आंदोलन शुरू हो जाएगा।
कृषि महाविद्यालय में भी शुरू हुआ आंदोलन
देर से ही सही कृषि महाविद्यालयों के प्राध्यापकों ने भी सातवें वेतनमान को लेकर आंदोलन की राह अख्तियार कर लिया है। प्राध्यापकों ने जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (जेएनकेविवि) के कुलपति से नया वेतनमान दिए जाने की मांग की है। गौरतलब है कि कृषि महाविद्यालय जेएनकेविवि से संबद्ध है। प्राध्यापकों के साथ कर्मचारी भी सातवें वेतनमान की मांग कर रहे हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री बोले, मांग पर सकारात्मक है सरकार का रूख
एपीएस विवि में स्वर्ण जयंती वर्ष के समापन समारोह में शामिल होने आए उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने प्राध्यापकों को सातवां वेतनमान देने के सवाल पर कहा है कि सरकार का रूख सकारात्मक है। जल्द प्राध्यापकों को सातवां वेतनमान मिलेगा। अब देखना यह है कि सरकार इसको लेकर कब तक आदेश जारी करती है।