रीवा

प्रदेश के इस विश्वविद्यालय में कुलपति व अधिकारियों के विरोध में उतरे छात्र, जानिए आक्रोश की वजह

उद्योग मंत्री व जिला प्रशासन तक पहुंचा मामला...

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Jul 18, 2018
APSU student protest against Vice-Chancellors and Officers in Rewa

रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में छात्र कुलपति व अधिकारियों के विरोध में उतर आए हैं। अधिकारियों की उदासीनता के चलते बने हालात की जानकारी छात्रों ने न केवल जिला प्रशासन को दी है। बल्कि उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ला के संज्ञान में भी लाया है। मामला विश्वविद्यालय में जमीन में बिना अनुमति बन रही सडक़ और छात्रों की असुविधाओं से जुड़ा है।

बढ़ता ही जा रहा छात्रों का विरोध
विश्वविद्यालय की भूमि पर कैलाशपुरी मोहल्ले को जाने वाली सडक़ निर्माण को लेकर विरोध बढ़ता ही जा रहा है। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में हंगामे के बाद एनएसयूआइ व युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सडक़ का निर्माण बंद कराने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने सडक़ निर्माण में उद्योग मंत्री पर शह देने का आरोप भी लगाया है।

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एमबीए विभाग के बगल सडक़ बनाने की मांग
युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के जरिए अनुविभागीय अधिकारी को अवगत कराया है कि कैलाशपुरी मोहल्ले के लिए रास्ता विधि भवन के बगल से ले जाने की बजाय एमबीए विभाग के बगल से ले जाया जाए तो विश्वविद्यालय की जमीन दो टुकड़ों में विभाजित होने से बच जाएगी।

संबंधित थाने में की गई है रिपोर्ट
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केएन सिंह यादव की ओर से साधी गई चुप्पी पर आक्रोश जाहिर किया है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन केवल दिखावे के लिए विरोध कर रहा है। गौरतलब है कि सडक़ का निर्माण बिना विश्वविद्यालय की मंजूरी के किया जा रहा है जिसको लेकर विश्वविद्यालय की ओर से थाने में रिपोर्ट भी की गई है।

ज्ञापन सौंपने वालों में यह रहे शामिल
अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपने वालों में संदीप पाण्डेय, मृत्युंजय मिश्रा व सतीश मिश्रा के अलावा एनएसयूआइ के सूरज द्विवेदी, अर्पित पाण्डेय, विनीत द्विवेदी, अजय पाण्डेय, नितिन तिवारी व अमृतोष तिवारी सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
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छात्रों का दूसरा समूह यह कर रहा मांग
वहीं दूसरी ओर पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया में बायोटेक व माइक्रोबॉयोलॉजी जैसे अन्य दूसरे एलायड विषयों को शामिल किया जाए। इस मांग को लेकर विश्वविद्यालय के छात्रसंघ पदाधिकारी व अन्य छात्र-छात्राओं ने न केवल धरना दिया। बल्कि एक कार्यक्रम में शामिल होने विश्वविद्यालय पहुंचे उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ला को ज्ञापन भी सौंपा।

patrika IMAGE CREDIT: Patrika

मनमानी तरीके से एलायड विषय किया बाहर
विश्वविद्यालय के एमबीए विभाग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान धरना पर बैठे छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर मनमानी तरीके से पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया के एलायड विषयों को बाहर करने का आरोप लगाया। छात्रों ने कहा कि पूर्व के वर्षों में एलायड विषयों के छात्र पीएचडी की प्रवेश परीक्षा में शामिल होते रहे हैं। लेकिन अब की बार उन्हें बाहर कर दिया गया है।

छात्रसंघ पदाधिकारी के साथ ये रहे शामिल
इसके अलावा छात्रों की ओर से अन्य कई दूसरी मांग भी की गई। धरना प्रदर्शन करने और उद्योग मंत्री को ज्ञापन सौंपने वालों में विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष दीपाली शुक्ला, उपाध्यक्ष वेदवती तिवारी, सचिव रोहित सिंह, मॉडल साइंस कॉलेज के छात्रसंघ सचिव अंकित तिवारी, अजय अर्जुन, सुनील, प्रदीप, विनोद, प्रीति, प्रतिमा, आकांक्षा, प्राची व आराधना सहित अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।

छात्रों की मांगों में यह भी शामिल
- मेधावी छात्र योजना का विश्वविद्यालय में सभी पात्र छात्रों को लाभ दिया जाए।
- विभागों में पेयजल व विभाग में पहुंचने के लिए सडक़ की व्यवस्था की जाए।
- महिला छात्रावास में छात्राओं की सुरक्षा के साथ मेस की व्यवस्था की जाए।
- विश्वविद्यालय के विधि विभाग में छात्रों के लिए मूट कोर्ट की चालू कराई जाए।

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