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एलपीजी सिलेंडर में ठगे जा रहे अनजान उपभोक्ता, कहीं आप भी तो नहीं दे रहे अधिक कीमत

वसूल की जा रही अतिरिक्त कीमत...
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रीवा

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Ajit Shukla

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Updated: 18 Jul 2018, 1:53 PM IST

Rewa's Gas agency not home delivery of LPG cylinder, charge more price

Rewa's Gas agency not home delivery of LPG cylinder, charge more price

रीवा। रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमत में गैस एजेंसी संचालकों की मनमानी आग में घी डालने का काम कर रही है। संचालकों की मनमानी का नतीजा यह है कि एक ओर जहां उपभोक्ताओं को सिलेंडर की होम सप्लाई की सुविधा नहीं मिल रही है। वहीं दूसरी ओर अतिरिक्त भुगतान का दंश भी झेलना पड़ रहा है।

उपभोक्ताओं को खुद लेना पड़ रहा सिलेंडर
गैस एजेंसी संचालकों की ओर से वैसे तो होम डिलीवरी के लिए कई वाहन चलाने का दवा दिया जाता है। लेकिन हकीकत यह है कि ज्यादातर एजेंसी संचालक जिन वाहनों के दम पर होम डिलीवरी की बात करते हैं, वह खस्ताहाल हो चुके हैं। वर्षों पुराने खास्ताहाल हो चुके ट्रैक्टर से सिलेंडर का वितरण मुख्य मार्गों तक ही सीमित है। हाल यह है कि सिलेंडर प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को खुद मुख्य मार्गों पर खड़े ट्रैक्टर तक पहुंचना पड़ रहा है।

लचर व्यवस्था बना परेशानी का कारण
जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता और संचालकों की लचर व्यवस्था का उपभोक्ताओं को और भी कई खामियाजा भुगतना पड़ता है। फुटकर रुपए जैसी अन्य कई माध्यम से उपभोक्ताओं से अतिरिक्त कीमत वसूलना धीरे-धीरे जैसे नियम में शामिल हो गया है। यह अतिरिक्त वसूली 10 रुपए से लेकर 20 रुपए तक हो गई है। एक बार अतिरिक्त कीमत देने में आनाकानी की तो अगली बार सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ता के पास सीधे एजेंसी तक जाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचता है।

बेरोकटोक प्रदूषण फैला रहे खस्ताहाल वाहन
सिलेंडर के वितरण में लगाए गए वर्षों पुराने ट्रैक्टर शहर में खुलेआम वायु प्रदूषण फैला रहे हैं। लेकिन उन पर न ही आरटीओ और न ही यातायात विभाग के अधिकारी गौरफरमाने की जरूरत समझ रहे हैं। एजेंसी संचालकों की ओर से संचालित ज्यादातर वाहन ऐसे हैं, जिनको अब परिवहन विभाग की ओर से लाइसेंस मिलना भी मुमकिन नहीं है। लेकिन भी धड़ल्ले से शहर में फर्राटा भर रहे हैं।

खाद्य विभाग के जिम्मे है गैस एजेंसियां
गैस एजेंसियों की सेवा और उनके द्वारा नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी जिले के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के जिम्मे है। लेकिन अधिकारियों की कवायद केवल घरेलू और कॉमर्शियल सिलेंडर के प्रयोग पर गौरफरमाने और धरपकड़ तक सीमित है। युवा नेता विवेक शुक्ला ने एजेंसी संचालकों की ओर से संचालित वाहनों के जांच की मांग की है। उनकी ओर से जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया है।

फैक्ट फाइल
30 गैस एजेंसियां जिले भर में
1.80 लाख उपभोक्ताओं की संख्या