
Rewa Crypto Currency Fraud: मध्यप्रदेश के रीवा में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। शहर के कई व्यापारियों ने पैसा दोगुना होने की उम्मीद में शातिर ठगों के झांसे में आकर रुपये लगाए थे। आरोपियों ने ऐसी ठाठ दिखाई थी, जिससे लोग उनकी बातों पर विश्वास कर बैठे। शुरुआती महीनों में आरोपियों ने पीड़ितों को कमीशन भी दिया, लेकिन बाद में पैसा देना बंद कर दिया और टालमटोल करने लगे। शनिवार को एक आरोपी को पीड़ित व्यापारियों ने पकड़ लिया और पुलिस थाने लेकर पहुंचे।
आरोप है कि विवेक पिता ओमप्रकाश, सौरभ पिता रमेश, सचिन पिता रोशनलाल निवासी मऊगंज हाल मुकाम रतहरा ने शहर के शिवम कुमार गुप्ता, सुनील सिंह राठौर सहित अन्य लोगों को रुपये निवेश करने के लिए प्रेरित किया था। आरोपी विवेक ने झांसा दिया कि जो भी लोग पैसा निवेश करते हैं, उनको हर महीने निर्धारित रकम मिलती है। पीड़ित व्यापारी उनकी बातों में आ गए और उसकी कंपनी में पैसा निवेश कर दिया। फरियादी शिवम कुमार व सुनील सिंह के कहने पर कई अन्य लोगों ने भी कंपनी में रकम निवेश कर दी। कुछ महीने तो आरोपियों ने उनको हर माह कमीशन का भुगतान किया था लेकिन उसके बाद उन्होंने भुगतान करना बंद कर दिया।
पैसे मिलना बंद होने पर जब पीड़ितों ने आरोपियों से संपर्क किया तो उन्होंने टालमटोल करना शुरु कर दिया। जब पीड़ित आरोपी विवेक के घर पहुंचे तो घरवालों ने कहा कि विवेक दुबई गया हुआ है। पीड़ित कई दिनों से विवेक की तलाश में लगे हुए थे। शनिवार को मुख्य आरोपी विवेक चाय की चुस्की लेते शिल्पी प्लाजा के पीछे पीड़ितों को मिल गया। पीड़ितों ने आरोपी को पकड़ा और खुद पुलिस थाने लेकर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
उक्त आरोपियों के हाथों ठगी का शिकार हुए अभी तक 12 पीड़ित सामने आए हैं, जिन्होंने कंपनी में पैसा निवेश किया था। इनमें सुनील सिंह 50 लाख, राजीव विश्वकर्मा 8 लाख, शिवम गुप्ता 15 लाख, महेश थारवानी 5 लाख, केसी मिश्रा 10 लाख, राकेश कुशवाहा 10 लाख, विवेक सिंह 3 लाख, राजेश दुबे 2 लाख, दिनेश बजाज 2 लाख, विवेक मिश्रा 2 लाख, प्रदीप गुप्ता 1.50 लाख, शिवदयाल कुशवाहा 1 लाख रुपए निवेश किए थे। थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि पैसा दोगुना करने के नाम पर लोगों से रुपए लिए गए थे। एक व्यक्ति को पकड़कर पीड़ित थाने लाए हैं, जिससे अभी पूछताछ की जा रही है। उसके साथ ठगी में शामिल अन्य आरोपियों के संबंध में जानकारियां जुटाई जा रही हैं।