संरक्षण के लिए उठाए गए कदम...
रीवा. गौ व गौवंश संरक्षण को लेकर इटौरा में परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित मप्र. गौ संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरा नंद गिरि ने कहा कि गाय पशु नहीं बल्कि गौधन है गौमाता है। इनके संरक्षण के लिए शासन स्तर से कई योजनाएं बनाई गई हैं। कई पर अमल शुरू हो गया है तो कई को जल्द ही अमल में लाया जाएगा।
अध्यक्ष ने कहा कि पूरे प्रदेश में गौमाता को चिह्नित कर पशुपालन विभाग उनकी टैगिंग करेगा। प्रत्येक गांव में चरनोई भूमि का सत्यापन व संचालन होगा। इसके अलावा भी कई कार्य किए जाएंगे। मुख्य अतिथि ने बारी-बारी से सभी योजनाओं पर प्रकाश डाला और कहा कि यह सब हुआ तो गौमाता को किसी भी तरह से समस्या नहीं होगी।
गौवंश के संरक्षण को लेकर परिचर्चा का आयोजन करने वाले कृषि उपज मंडी बोर्ड के सदस्य सुभाष बाबू पाण्डेय ने बोर्ड अध्यक्ष को सम्मानित करते हुए कहा कि शासन की योजनाएं स्थानीय निकायों के माध्यम से कराई जानी हैं। इसलिए अमल तेजी के साथ संभव हो सकेगा। साथ ही कहा कि इससे ऐरा प्रथा भी समाप्त हो जाएगा और किसानों की फसल भी सुरक्षित होगी।
परिचर्चा में उपस्थित नित्यानंद द्विवेदी, जगमोहन सिंह व छत्रपाल सिंह ने भी गौ व गौवंश संरक्षण की जरूरत पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन महेंद्र तिवारी भैयालाल पांडेय ने किया। इस मौके पर किसान जनप्रतिनिधि राजमणि पटेल, विनायक तिवारी, कमलेश पाण्डेय, लालजी पाण्डेय, राजधर पाण्डेय, शत्रधन सिंह, राजबहादुर सिंह, मुद्रिका प्रसाद मिश्रा, नीलेश्वर पाण्डेय, छोटेलाल यादव, वंशपति सिंह, राजभजन गौतम, वंशपति साहू, राजमणि यादव, मुनेश मिश्रा, मोहन उपाध्याय, नीरज गौतम, दिवाकर मिश्रा, पवन तिवारी, राज पटेल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।