MP news: मध्य प्रदेश के रीवा में आरक्षक की शर्मनाक हरकत का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में वह नशे की हालात में सरकारी अस्पताल के डस्टबिन पेशाब करते दिखाई दे रहे है।
MP news: मध्य प्रदेश के रीवा से एक शर्मनाक वीडियो वायरल हुआ जिसने पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। यहां मुलाजिम को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए आरक्षक की शर्मनाक हरकत का वीडियो वायरल हुआ है। आरक्षक वार्ड में मौजूद डस्टबिन में पेशाब करते हुए नजर आए। मामला जिला के सरकारी संजय गांधी अस्पताल का है।
दरअसल, सीधी जेल से बंदी का उपचार कराने के लिए आरक्षक मनीष तिवारी सहित एक अन्य स्टाफ रीवा के संजय गांधी अस्पताल लेकर आए थे। उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिसका चिकित्सकों की देखरेख में इलाज चल रहा था। दूसरी तरफ आरक्षक के शर्मनाक हरकत की वीडियो लोगों ने बना ली। वार्ड में कचरा फेंकने के लिए डस्टबिन रखी हुई थी जिसमें आरक्षक पेशाब कर कर रहे थे।
आधे अधूरे कपड़ों में वे वार्ड में घूम रहे थे और मरीजों के सामने डस्टबिन में ही पेशाब करने लगे। वार्ड में मौजूद दूसरे मरीजों के अटेंडरों ने वीडियो बना लिया जो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है। वीडिये सामने आते ही अब हडक़ंप मचा हुआ है। जिस समय आरक्षक ने यह हरकत की है उस समय वे काफी नशे की हालत में थे और ड्यूटी पीरियड में ही उन्होंने शराब का सेवन कर लिया था।
आरक्षक की इस शर्मनाक हरकत का वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने भी उसे संज्ञान में लिया है। अस्पताल अधीक्षक ने सीधी एसपी को पत्र लिखकर तत्काल इस तरह की हरकत करने वाले आरक्षक को हटाने की मांग की है जिससे वार्ड में व्यवस्था भंग होने का खतरा बना है। वहीं पूरे मामले को सीधी एएसपी ने भी संज्ञान में लिया है और आरआई को जांच के आदेश जारी कर दिए है। जांच के बाद ही पूरा मामला सामने आएगा।
अस्पताल में एक मुलजिम को पुलिसकर्मी इलाज के लिए लाए थे जिसको भर्ती किया गया था। उसकी सुरक्षा में पुलिसकर्मी ड्यूटी कर रहे थे जिसमें एक कर्मचारी का डस्टबिन में पेशाब करने का वीडियो सामने आया है। पूरे मामले को लेकर सीधी एसपी कार्यालय को पत्र लिखा गया है। -डा. राहुल मिश्रा, अस्पताल अधीक्षक
आरक्षक मुलजिम को इलाज के लिए रीवा लेकर गया था जहां उसका डस्टबिन में पेशाब करने का वीडियो वायरल हुआ है। आरआई को पूरे मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए गए है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे कार्रवाई की जायेगी।- अरविंद श्रीवास्तव, एएसपी सीधी