
रीवा। जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी साफ्टवेयर में संशोधन कर व्यापारियों को राहत दी है। अब ऐसे व्यापारी जिनका पंजीयन जीएसटीएन रिटर्न नहीं भरने के कारण निरस्त कर दिया गया है उन्हें अब अपील नहीं करनी पड़ेगी। 30 दिन का समय बीत जाने के बाद व्यापारी जीएसटी पोर्टल पर पंजीयन फिर से एक्टिव कर करने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सर्किल अधिकारी के एप्रूव करने के बाद पंजीयन नंबर सक्रिय हो जाएगा।
बताया जा रहा कि जीएसटी में छह-छह माह से अधिक समय से रिटर्न फाइल नहीं करने के कारण जिले के दो हजार से अधिक व्यापारियों का जीएसटी पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। जीएसटी पंजीयन निरस्त होनेे के बाद ३० दिन के अंदर जबाव प्रस्तुत नहीं करने पर लॉगिन बंद हो जाती थी। इसके लिए फिर अपील का ही प्रावधान था। बताया जा रहा कि ३० दिन के नियम की जानकारी नहीं होने के कारण कई व्यापारी जवाब पस्तुत नहीं कर पाते थे। इस तरह बड़ी संख्या में जीएसटी लॉगिन बंद होने पर काउंसिल ने संशोधन किया है। पोर्टल में संशोधन के बाद १४ अगस्त को ट्रायल किया गया। अब जिन व्यक्तियों का पंजीयन निरस्त है वे ऑनलाइन आवेदन कर सक ते हंै।
ऐसे करना होगा आवेदन
राज्य कर उपायुक्त संगीता गुप्ता ने बताया कि जीएसटीएन कैसिंल होने के ३० दिन के बाद भी डीलर अपने लॉगिन पेज पर सर्विंस विकल्प में जाना होगा। इसके बाद रजिस्ट्रेशन सब सेक्शन में जाकर रिवोकेशन कैसिंल में आवेदन करना होगा। साथ में डीलर संबंधित निरस्त का आर्डर लगाना होगा। इसके बाद डीलर का आवेदन सर्किल में दिखाई देगा, जिसे सर्कि ल इंजार्ज जीएसटीएन एक्टिव कर सकेगा। इसके पहले इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं थी।
इ-वे बिल कर सकेंगे जनरेट
बताया जा रहा कि जीएसटीएन एक्टिव होने के बाद डीलर को इ-वे बिल के साफ्टवेयर में दूसरे दिन सर्वर टू सर्वर अपने आप अपडेट हो जाएगा। इसके बाद डीलर इ-वे बिल जनरेट कर सकेंगे।