रीवा

28 साल जिस सेंट्रल जेल में हेड कांस्टेबल रह कर किया काम, वही लगा ली फांसी, मचा हड़कंप

MP news: मध्य प्रदेश की रीवा सेंट्रल जेल में बड़ी घटना से परिसर में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए है।

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Apr 10, 2026
Head Constable hangs himself in rewa central jail (फोटो- Patrika.com)

MP news: मध्य प्रदेश की रीवा सेंट्रल जेल में एक प्रधान आरक्षक (हेड कांस्टेबल) ने जेल परिसर में स्थित गौशाला में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रधान आरक्षक रामानंद पटेल (56) पिछले 28 वर्षों से इसी कारागार में अपनी सेवाएं दे रहे थे। घटना से जेल परिसर में हड़कंप मच गया है, जिससे जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए है।मृतक के परिजनों ने बताया कि रामानंद पटेल की ड्यूटी दोपहर 12 बजे समाप्त हुई थी।

वे ड्यूटी पूरी कर घर जाने के लिए निकले थे, लेकिन अपनी कॉलोनी पहुंचने से पूर्व ही उन्होंने जेल की गौशाला में जाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मामला गुरवार शाम का बताया जा रहा है और शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया है। हालांकि, शव के पास से एक सुसाइड नोट भी प्राप्त हुआ है जिसमें आत्महत्या के कारण का उल्लेख किया गया है।

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गौशाला में मिला प्रधान आरक्षक का शव

गौशाला के शेड पर आरक्षक के शव को जब अन्य कर्मचारियों ने देखा तो जेल प्रबंधन को जानकारी दी। तत्काल जेल कर्मचारियों ने पुलिस को भी सूचित किया। बिछिया थाने की पुलिस ने निरीक्षण कर परिस्थितियों का जायजा लिया। पुलिस ने प्रधान आरक्षक के शव को संजय गांधी चिकित्सालय में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। शाम होने से पोस्टमार्टम नहीं हो सका। अब शुक्रवार सुबह शव का पोस्टमार्टम किया गया। पूरे मामले में केंद्रीय जेल के अधिकारियों ने किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से इंकार किया है, उनका कहना है कि अधीक्षक पूरे तथ्य स्पष्ट करेंगे। मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।

प्रधान आरक्षक रामानंद पटेल

सुसाइड नोट का पुलिस ने नहीं किया खुलासा

मृतक की जेब में सुसाइड नोट भी मिला है। जिसका पुलिस ने खुलासा नहीं किया है। परिजनों का कहना है कि रामानंद पटेल पिछले एक माह से जेल अधिकारियों द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जा रहे थे, जिसके कारण उन्होने यह कदम उठाया। रामानंद की ड्यूटी पहले जेल के बाहर कमान में होती थी, लेकिन कुछ समय से उन्हें जेल के आंतरिक भाग में स्थानांतरित कर दिया गया था। जहां अधिकारियों के रवैए से संतुष्ट नहीं थे, इसकी जानकारी परिवार के साथ भी साझा करते थे। सुसाइड नोट के बारे में पुलिस ने अभी परिजनों को जानकारी नहीं दी है। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने इसे जांच का हिस्सा बताते हुए कहा कि बाद में खुलासा किया जाएगा। रामानंद पटेल मूलरूप से पन्ना जिले का रहने वाले थे, वहां से भी परिजन रीवा पहुंचे है।

केंद्रीय जेल परिसर की गौशाला में प्रधान आरक्षक का शव पाया गया है। मेडिकल रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर विवेचना की जाएगी, इसमें जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।- राजीव अग्रवाल, थाना प्रभारी बिछिया

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Updated on:
10 Apr 2026 02:34 pm
Published on:
10 Apr 2026 02:31 pm
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