रीवा

जूडॉ की हड़ताल समाप्त होने से पटरी पर लौटी चिकित्सीय सेवाएं

कई दिन बाद हुए 28 आपरेशन और 23 डिलेवरी, सोनोग्राफी और एक्स-रे की संख्या में भी बढ़ोत्तरी

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Jul 29, 2018
Medical services returning from the end of Junior doctor 's strike
Medical services returning from the end of Junior doctor 's strike

रीवा। जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त होने से विंध्य के सबसे बड़े संजय गांधी अस्पताल और गांधी स्मारक चिकित्सालय मेंं चिकित्सीय सेवाएं पटरी पर लौट आई हैं।


मालूम हो कि अपर मुख्य सचिव राधे श्याम जुलानिया से जूनियर डॉक्टर के प्रतिनिधि मंडल से हुई बातचीत के बाद शुक्रवार रात 12 बजे सर्जरी विभाग में 21 जूनियर डॉक्टर काम पर लौट आए थे। शेष विभागों के जूनियर डॉक्टरों में बिना शर्त हड़ताल समाप्त करने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। शनिवार को पूरे दिन सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टरों के साथ अन्य विभागों के आठ जूनियर डॉक्टरों ने काम किया। इसके अलावा वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम ओपीडी और वार्ड राउंड पर रही। जिससे मरीजों को उपचार के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ी। सर्जरी के जूनियर डॉक्टरों के काम पर लौटने से 17 मेजर आपरेशन किए गए। बीते छह दिन से कई मरीज आपरेशन के लिए इंतजार कर रहे थे। वहीं ओपीडी की माइनर ओपीडी में भी 11 माइनर आपरेशन किए गए। वहीं गायनी विभाग में भी 23 डिलेवरी की गईं। हालांकि कई दिनों से जारी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के चलते ओपीडी में अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ कम रही। केवल 1240 मरीज ही पहुंचे। वहीं एक्स-रे 114, सोनोग्राफी 20 और कुल जांचे 834 हुई। अधीक्षक डॉ. एपीएस गहरवार ने कहा कि शनिवार को सुबह से सभी विभागों के जूनियर डॉक्टर काम पर नहीं थ लेकिन रात 8 बजे सभी काम पर लौट आए हैं जिससे सोमवार से चिकित्सीय सेवाएं पूरी तरह से बहाल हो जाएंगी।

दिन भर दो भागों में बंटे रहे जूडॉ
यूं तो हड़ताल समाप्त की घोषणा शुक्रवार रात 9 बजे ही हो गई थी लेकिन बिना शर्त हड़ताल समाप्त करने को लेकर जूनियर डॉक्टर शनिवार को दो भागों में बंटे रहे। सुबह से कुल सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टर काम पर रहे तो अन्य विभागों के जूनियर डॉक्टर बैठक कर रणनीति बनाते रहे। हालांकि देर शाम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पीसी द्विवेदी और अधीक्षक डॉ. एपीएस गहरवार की समझाइस के बाद शेष जूनियर डॉक्टर भी काम पर लौट आए। डीन डॉ. पीसी द्विवेदी ने बताया कि हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने वाले जूनियर डॉक्टरों के नोटिस निरस्त कर दिए गए हैं। जिन पांच जूनियर डॉक्टरों को बर्खास्त किया गया था। उन्हें भी बहाल करने की कार्रवाई की गई है।

आइएमए ने एनएमसी बिल का किया विरोध
उधर नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉक्टर कार्य से विरत रहे। सुबह 6 बजे से शाम 6.30 बजे तक मेडिकल सेवाएं बंद रखीं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रीवा के सचिव डॉ. आदित्य तिवारी ने कहा कि कहीं कोई प्रदर्शन नहीं किया गया। करीब 300 डॉक्टर सदस्य हैं जो काम पर पूरे दिन नहीं रहे। केवल इमरजेंसी सेवाएं मरीजों को दी गईं। उन्होंने कहा कि जूनियर डॉक्टरों की मांगों का समर्थन करते हैं। उनकी मांगे जायज हैं। सरकार को जूनियर डॉक्टरों के साथ बातचीत कर हल निकालना चाहिए।

Published on:
29 Jul 2018 02:16 pm