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रीवा के बाणसागर बांध में इंडियन नेवी की एंट्री, टापू पर बनेगा प्रशिक्षण कैंप

Bansagar Dam : बाणसागर बांध में नेवी का प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। सरसी आईलैंड का हिस्सा अलग रहेगा, पर्यटकों को मिलेगा बढ़ावा। जल संसाधन विभाग ने एनओसी की प्रक्रिया पर काम शुरू किया।
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Oct 04, 2026
Bansagar Dam
रीवा का बाणसागर बांध (फोटो सोर्स: Patrika File)

Rewa News :मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित बाणसागर बांध में भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए जल संसाधन विभाग ने आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है। प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना से बाणसागर में नौसेना की गतिविधियों का नया अध्याय शुरू होने के साथ क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

प्रस्ताव के तहत बांध के इलाके में भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों के लिए स्थान मुहैय्या कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों से जरूरी अनुमतियां और एनओसी लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। जल संसाधन विभाग स्तर पर प्रस्ताव से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सरसी आईलैंड का हिस्सा अलग रखा जाएगा

इधर, बाणसागर के सरसी आईलैंड को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की जा रही है। प्रशिक्षण केंद्र के लिए प्रस्तावित क्षेत्र से सरसी आईलैंड का हिस्सा अलग रखा जाएगा। इससे सरसी आईलैंड पर पर्यटन गतिविधियों को विकसित करने की संभावनाएं बनी रहेंगी। क्षेत्र में पहले से विकसित पर्यटन सुविधाओं को देखते हुए प्रशासन की ओर से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

NOC मिलते ही शुरु होगा काम

बाणसागर बांध का सरसी आईलैंड विंध्य के प्रमुख जल पर्यटन स्थलों में शामिल है। ऐसे में नौसेना के प्रशिक्षण केंद्र और पर्यटन गतिविधियों के लिए अलग-अलग क्षेत्र निर्धारित होने से दोनों गतिविधियों को समानांतर रूप से आगे बढ़ाने की योजना है। एनओसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना से जुड़े अगले चरण की कार्रवाई शुरू होगी। जल संसाधन के गंगा कछार के चीफ इंजीनियर वीके मंडलोई का कहना है कि यह मामला अभी प्रक्रियाधीन है, आधिकारिक जानकारी शासन के स्तर से नहीं आई है।

सरसी की तरह अलग टॉपू

बाणसागर बांध में छह अलग-अलग स्थानों पर टापू हैं, जिसमें अभी केवल सरसी टापू का उपयोग किया जा रहा है। उससे बड़े आकार का एक टापू अभी है, जिसमें नौसेना का कैंप बनाकर प्रशिक्षण के लिए दायरा निर्धारित किया जाएगा। अभी कुछ दिन पहले ही नौसेना के अधिकारी बाणसागर बांध का भ्रमण करने के लिए आए थे। हालांकि जलसंसाधन और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त भ्रमण नहीं हो पाया है। अधिकारियों ने कहा है कि वह बाद में अपनी टीम के साथ इसके लिए अलग से आएंगे।

यूपी-बिहार की एनओसी नहीं मिली

मध्यप्रदेश के जलसंसाधन की ओर से एनओसी केंद्र सरकार को भेज दी गई है लेकिन बाणसागर परियोजना तीन राज्यों की बहुउद्देश्य परियोजना है। इसलिए यहां पर किसी काम के पहले मध्यप्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश और बिहार सरकार से भी अनुमति लेनी होगी। जब तक दोनों राज्यों की सरकारों की ओर से अनुमति नहीं मिलेगी तब तक बाणसागर बांध में किसी तरह की गतिविधि की अनुमति नहीं मिलेगी।

शासन स्तर पर होगा फैसला

बाणसागर बांध के कार्यपालन यंत्री एसके शर्मा ने बताया कि, नौसेना के प्रशिक्षण केंद्र को लेकर चर्चा शुरू हुई है। विभाग ने एनओसी के लिए कुछ जानकारी मांगी थी तो उसे भेज दिया गया है। यूपी-बिहार से भी एनओसी लेनी होगी। कुछ समय पहले नौसेना के अधिकारी आए थे, मुआयना करने के बाद गए हैं। शासन के स्तर से ही इस पर निर्णय होगा।

Updated on:
04 Oct 2026 12:37 pm
Published on:
04 Oct 2026 12:28 pm